बिकवाली के दबाव के बीच बाजार में दिखी शुरुआती तेजी
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन, सोमवार को भारतीय शेयर बाजारों ने मजबूती के साथ आगाज किया। BSE Sensex 382.48 अंक चढ़कर 77,046.69 पर खुला, वहीं NSE Nifty ने भी 120 अंक की बढ़त के साथ 24,017.95 का स्तर छुआ। इस शुरुआती तेजी के पीछे GIFT Nifty से मिले सकारात्मक संकेत थे। बाजार की यह चाल पिछले कारोबारी सत्र में FIIs द्वारा की गई ₹8,827 करोड़ की जोरदार बिकवाली के बावजूद आई है, हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने ₹4,700 करोड़ की खरीदारी कर कुछ हद तक इस दबाव को कम किया। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि Nifty के लिए 24,200–24,300 के स्तर पर तत्काल प्रतिरोध (resistance) का सामना करना पड़ेगा, जबकि 24,500–24,600 के आसपास और अधिक बिकवाली का दबाव देखने को मिल सकता है। शुक्रवार को India VIX 19.71 पर बंद हुआ, जो बाजार में अनिश्चितता और बड़े उतार-चढ़ाव की संभावना को दर्शाता है।
सेक्टर्स में दिखी मिली-जुली चाल
ब्रॉडर मार्केट में तेजी की कोशिशों के बावजूद, विभिन्न सेक्टर्स में प्रदर्शन मिला-जुला रहा। Sun Pharmaceutical Industries 3.28% बढ़कर ₹1,673.60 पर पहुंच गया, जिसने मंदी के बाजार में एक डिफेंसिव स्टॉक के तौर पर अपनी भूमिका को मजबूत किया। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, मेटल्स, सीमेंट और बैंकिंग सेगमेंट्स में भी कुछ सुधार दिखा, जिसमें Adani Ports, JSW Steel, UltraTech Cement और Kotak Mahindra Bank जैसे स्टॉक्स ने ऊपरी ओर रुख किया। वहीं, Axis Bank 4.12% गिरकर ₹1,309.60 पर आ गया, जो भारी वॉल्यूम के साथ हुआ। नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी (NBFC) और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर्स पर नतीजों से जुड़े बिकवाली के दबाव के चलते अभी भी दबाव बना हुआ है, भले ही व्यापक वित्तीय क्षेत्र में कुछ मजबूती दिखी हो। Shriram Finance में 2.83% की गिरावट दर्ज की गई। यह स्थिति बाजार की समग्र भावना से अलग, सेक्टर-विशिष्ट रुझानों को उजागर करती है।
कच्चे तेल की कीमतें और पूंजी प्रवाह बनी चिंता
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें लगातार एक बड़ी चिंता बनी हुई हैं। Brent crude फ्यूचर्स $100 प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहे हैं, जिसका मुख्य कारण अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत में अनिश्चितता है। यह भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर दबाव डालता है, जिससे महंगाई बढ़ने, चालू खाते के घाटे (current account deficit) में वृद्धि और रुपये के कमजोर होने का खतरा है। हालांकि भारत की अर्थव्यवस्था ने पहले भी तेल के झटकों का सामना किया है, लेकिन लगातार उच्च कीमतें एक गंभीर जोखिम पैदा करती हैं। कमोडिटीज के अलावा, वैश्विक पूंजी प्रवाह में एक संरचनात्मक बदलाव, जो AI ट्रेड से भी प्रभावित है, बाजार में अस्थिरता पैदा कर रहा है। भारत सहित उभरते बाजार (emerging markets) इन पूंजी प्रवाह में उलटफेर के प्रति संवेदनशील हैं, और निवेशक की प्राथमिकताओं में बदलाव के बावजूद अल्पकालिक अस्थिरता का सामना कर सकते हैं।
विश्लेषक जता रहे हैं सावधानी, मूल्यांकन पर है नजर
विश्लेषकों ने निवेशकों को शुरुआती बाजार लाभ का पीछा न करने की सलाह दी है। ThinCredBlu Securities के फाउंडर गौरव उदाणी का सुझाव है कि निकट प्रतिरोध (resistance) को देखते हुए, अनुकुल जोखिम-पुरस्कार परिदृश्य (risk-reward scenario) के अभाव में ऊंची कीमतों को चेज़ करने के बजाय सपोर्ट स्तरों के पास गिरावट का इंतजार करना चाहिए। कई प्रमुख स्टॉक महंगे लग रहे हैं, जिनमें Sun Pharmaceutical Industries (P/E 32.96), Adani Ports (29.75), JSW Steel (41.24), और Bajaj Finance (31.33) शामिल हैं। बाजार की तत्काल तकनीकी स्थिति एक तंग रेंज का संकेत देती है, जिसमें वर्तमान स्तरों से ऊपर काफी सप्लाई की उम्मीद है। इससे पता चलता है कि मजबूत कमाई वृद्धि या नए सकारात्मक उत्प्रेरकों के बिना टिकाऊ ऊपर की ओर गति (momentum) बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जो वर्तमान मूल्यांकन को सही ठहरा सके।
