Ikigai Asset Manager ने भारतीय अर्थव्यवस्था की ग्रोथ पर बड़ा दांव लगाया है। कंपनी ने अपने पोर्टफोलियो का **70%** से ज़्यादा हिस्सा घरेलू यानी इंडिया-केंद्रित थीम में निवेश करने का फैसला किया है। इस रणनीति के तहत मटेरियल (Materials), इंडस्ट्रियल्स (Industrials) और फाइनेंशियल्स (Financials) जैसे सेक्टर्स को प्राथमिकता दी जा रही है।
ग्लोबल अनिश्चितता से बचाव की रणनीति
Ikigai Asset Manager ने अपने निवेश की दिशा में एक बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने अब भारतीय अर्थव्यवस्था के घरेलू विकास पर ज़्यादा भरोसा जताया है। अपने पोर्टफोलियो का 70% से अधिक हिस्सा लोकल यानी इंडिया-थीम में निवेश करके, यह फर्म ग्लोबल उठापटक, ट्रेड टेंशन और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से अपने निवेशों को सुरक्षित रखना चाहती है। यह कदम उन कंपनियों को तरजीह देता है जिनकी कमाई सीधे तौर पर भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ से जुड़ी है, न कि बाहरी मांग से।
सेक्टर्स पर खास फोकस और फाइनेंशियल आउटलुक
कंपनी का पोर्टफोलियो मुख्य रूप से मटेरियल (Materials) और इंडस्ट्रियल्स (Industrials) पर केंद्रित है, जिनका कुल आवंटन 50% से ज़्यादा है। खास तौर पर, मटेरियल सेक्टर में 27.1% का निवेश किया गया है, जिसमें स्पेशियलिटी केमिकल्स, सीमेंट और मेटल्स जैसे सेगमेंट्स को टारगेट किया जा रहा है। ये सेक्टर्स सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स से सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। वहीं, इंडस्ट्रियल्स सेक्टर में 23.9% का आवंटन है, जो इंजीनियरिंग, कैपिटल स्पेंडिंग और ऑटोमेशन पर केंद्रित है।
फाइनेंशियल्स सेक्टर का हिस्सा 15% है। भले ही बाजार में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में गिरावट की चिंताएं रही हों, लेकिन फर्म आशावादी बनी हुई है। उन्हें उम्मीद है कि लगातार क्रेडिट ग्रोथ और बेहतर लिक्विडिटी इस सेक्टर की कमाई को बढ़ाएगी। इसके अलावा, फर्म ने कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी स्टॉक्स में भी अपनी रुचि बढ़ाई है, क्योंकि हालिया करेक्शन के बाद ये कंपनियां लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक वैल्यूएशन पर उपलब्ध हैं।
निवेश की रणनीति और डिसिप्लिन
कई ग्लोबल फंड्स के विपरीत, Ikigai ने टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में बहुत कम यानी सिर्फ 2.4% का एक्सपोजर रखा है। यह फैसला लोकल इकोनॉमी से चलने वाले बिजनेसेज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हेल्थकेयर सेक्टर में, फर्म घरेलू फार्मा कंपनियों और कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशंस (CDMOs) को पसंद करती है। इन बिजनेसेज को उनकी स्थिर कमाई और ग्लोबल इकोनॉमिक साइकिल्स के प्रति कम सेंसिटिविटी के लिए सराहा जाता है।
इसके अलावा, फर्म ऑटो सहायक (Auto Ancillary) कंपनियों में भी निवेश बनाए हुए है, खासकर वे जो डिफेंस, एयरोस्पेस और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन्स में विस्तार कर रही हैं। इन निवेशों का चयन करते समय, Ikigai मैनेजमेंट की क्वालिटी और बैलेंस शीट की मजबूती पर जोर देती है। फर्म का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर (FY) 26 में लगभग 32% और FY27 में 27% की अर्निंग ग्रोथ हासिल करना है। कंपनी की गणना के अनुसार, पोर्टफोलियो 24-महीने के फॉरवर्ड प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो पर 27 गुना ट्रेड कर रहा है, जिसे मैनेजर एक उचित प्राइस-टू-अर्निंग-टू-ग्रोथ (PEG) रेशियो मानता है जो लगभग एक के आसपास है। निवेशकों को आगामी तिमाही नतीजों में इन विशिष्ट सेक्टर्स के प्रदर्शन पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि वास्तविक अर्निंग ग्रोथ और इन कंपनियों की प्राइसिंग पावर बनाए रखने की क्षमता इन अनुमानों को पूरा करने में महत्वपूर्ण होगी।
