'ग्रोथ प्रीमियम' का दबाव
साल 2026 की शुरुआत में प्राइमरी मार्केट में उन कंपनियों के लिए निवेशकों की ज़बरदस्त मांग देखने को मिली है जो दमदार ग्रोथ दिखा रही हैं, खासकर टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर में। सिक्योरिटी सिस्टम प्रोवाइडर Aditya Infotech, अपने इश्यू प्राइस ₹675 से लिस्टिंग पर ₹1,573.25 पर पहुंच गई, जो 133.07% की बढ़त है। वहीं, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बनाने वाली Ather Energy ने ₹321 के इश्यू प्राइस से 120.51% की लिस्टिंग गेन हासिल की और ₹707.85 पर लिस्ट हुई। यह ट्रेंड दिखाता है कि बाज़ार में पैसा तेज़ी से ग्रोथ की संभावनाओं का पीछा कर रहा है, भले ही कंपनियां स्थापित ब्रांड न हों।
सेक्टर के कुछ शेयर चमके, कुछ पिछड़े
इन बड़ी कंपनियों के अलावा, मैन्युफैक्चरिंग और स्पेशलाइज्ड इंडस्ट्रियल प्लेयर्स ने भी शुरुआत में मजबूत प्रदर्शन किया है। ऑटोमोटिव कंपोनेंट बनाने वाली Belrise Industries ने ₹90 के इश्यू प्राइस से 107.39% की बढ़त दर्ज की और ₹186.65 पर लिस्ट हुई। इसके विपरीत, ज़्यादा ट्रेडिशनल सेक्टर की कंपनियों या जिनकी ग्रोथ की कहानी उतनी स्पष्ट नहीं थी, उन्हें बाज़ार में कमज़ोर रिस्पॉन्स मिला। उदाहरण के लिए, माइनिंग कंपनी Bharat Coking Coal ने 76.78% का डेब्यू गेन दिखाया, लेकिन इसका स्टॉक लिस्टिंग के बाद थोड़ा नीचे आ गया। वहीं, रोड कंस्ट्रक्शन से जुड़ी Highway Infrastructure जैसी कंपनियों के शेयर लिस्टिंग प्राइस से नीचे बंद हुए। यह दिखाता है कि निवेशकों की पसंद बहुत बंटी हुई है और वे खास, हाई-पोटेंशियल इंडस्ट्रीज़ को ज़्यादा तरजीह दे रहे हैं।
वैल्यूएशन पर चिंता और सस्टेनेबिलिटी के सवाल
हालांकि, यह शानदार रिटर्न्स अब जांच के दायरे में आ रहे हैं। कई टेक्नोलॉजी और EV कंपनियां अपने इश्यू प्राइस से काफी ऊपर ट्रेड कर रही हैं, लेकिन उनकी वर्तमान वैल्यूएशन, जो अक्सर हाई प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल्स या नेगेटिव अर्निंग्स में दिखती है, चर्चा का विषय बन गई है। Ather Energy और Meesho जैसी कंपनियां, जो अभी मुनाफ़ा नहीं कमा रही हैं, अपनी वैल्यूएशन को भविष्य की ग्रोथ की उम्मीदों पर टिकाए हुए हैं। Aditya Infotech का P/E रेशियो लगभग 45x है, जो टेक्नोलॉजी फर्म्स के सेक्टर एवरेज 35x से ज़्यादा है। इस तरह की ऊंची वैल्यूएशन, 2025 की शुरुआत के IPOs की तुलना में, जहां कुछ IPOs शुरुआती उत्साह के बाद गिरे थे, ज़्यादा चिंताजनक है। एनालिस्ट्स चेतावनी दे रहे हैं कि यह बाज़ार कुछ ग्रोथ-फोकस्ड सेगमेंट्स में सस्टेनेबल बबल बना रहा है, जो ग्रोथ उम्मीदों पर खरा न उतरने पर गिर सकते हैं।
भविष्य का नज़रिया और जोखिम
इन हाई-ग्रोथ IPOs का पीछा करने वाले निवेशकों के लिए मुख्य जोखिम उनकी वर्तमान वैल्यूएशन की सस्टेनेबिलिटी है। इंटरेस्ट रेट्स और निवेशक के रिस्क ऐपेटाइट के असर से, अनप्रॉफिटेबल बिज़नेस मॉडल या हाई-लिवरेज वाली कंपनियों पर दबाव पड़ सकता है। Belrise Industries, जो इश्यू प्राइस से ऊपर ट्रेड कर रही है, ने लिस्टिंग के बाद कुछ नरमी दिखाई है। इसी तरह, Quadrant Future Tek जैसी स्पेशलाइज्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लेज़ में काफी वोलेटिलिटी देखने को मिल रही है। बाज़ार का ग्रोथ की ओर झुकाव का मतलब है कि एग्जीक्यूशन में कोई भी कमी या कॉम्पिटिटिव प्रेशर शार्प री-रेटिंग का कारण बन सकता है। Meesho जैसी कंपनियां सोशल कॉमर्स में मज़बूत हैं, लेकिन उन्हें Flipkart और Amazon India जैसे दिग्गजों से कड़ी टक्कर मिल रही है। भविष्य में इन IPOs का प्रदर्शन इस बात पर निर्भर करेगा कि वे तेज़ ग्रोथ को सस्टेनेबल अर्निंग्स में कैसे बदलते हैं और इस समझदार बाज़ार में कैसे टिक पाते हैं।