भारतीय कॉर्पोरेशन्स दिसंबर को प्राइमरी इक्विटी शेयर इश्यू के माध्यम से लगभग ₹40,000 करोड़ जुटाने की योजना के साथ एक सक्रिय महीना बनाने के लिए तैयार हैं। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब बाजार मजबूत बुलिश सेंटीमेंट दिखा रहा है, जिसमें प्रमुख सूचकांकों ने अपने पिछले सर्वकालिक उच्च स्तर को पार कर लिया है।
बाजार के चालक (Market Drivers)
- भारतीय अर्थव्यवस्था लचीलापन दिखा रही है, वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में जीडीपी वृद्धि 8.2 प्रतिशत रही, जिसने निर्यात चिंताओं को खारिज कर दिया।
- निफ्टी सहित प्रमुख शेयर बाजार सूचकांकों ने सितंबर 2024 में निर्धारित पिछले शिखर को पार कर लिया है।
- इस रैली को ओवरवैल्यूएशन के डर के कम होने, आय में सुधार की उम्मीदों और सहायक राजकोषीय (fiscal) और मौद्रिक (monetary) नीतियों का समर्थन प्राप्त है।
- फाइनेंशियल दिग्गज जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि निफ्टी अगले साल के अंत तक 30,000 तक पहुंच सकता है, जो 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी का अनुमान लगाता है।
आगामी आईपीओ पाइपलाइन (Upcoming IPO Pipeline)
दिसंबर इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण महीना बनने वाला है।
- मीशो (Meesho), भारत का प्रमुख सोशल कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ₹6,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रहा है। इसमें ₹4,250 करोड़ नए इक्विटी इश्यू के माध्यम से और ₹1,750 करोड़ मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से शामिल हैं। मीशो खरीदने और बेचने वाले उत्पादों के लिए 21.3 करोड़ उपयोगकर्ताओं को जोड़ता है।
- आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी (ICICI Prudential Asset Management Company) ₹10,000 करोड़ जुटाने की सोच रही है। यूके-आधारित प्रूडेंशियल इस पेशकश में 10 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचेगी, जो एएमसी का मूल्यांकन लगभग $11 बिलियन करती है। जून तक, कंपनी ₹9.44 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति का प्रबंधन कर रही थी, जिसकी वार्षिक आय ₹4,977 करोड़ और शुद्ध लाभ ₹2,650 करोड़ था।
- मिल्की मिस्ट डेयरी फूड (Milky Mist Dairy Food), तमिलनाडु स्थित, ₹2,035 करोड़ जुटाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसमें ₹1,785 करोड़ नए शेयर इश्यू के माध्यम से और ₹250 करोड़ OFS के माध्यम से शामिल हैं। धन का उपयोग ऋण निपटान, सुविधा विस्तार और खुदरा अवसंरचना उन्नयन के लिए किया जाएगा।
अन्य प्रमुख इश्यू (Other Major Issues)
कई अन्य महत्वपूर्ण आईपीओ अपेक्षित हैं, जिनमें boAT (₹1,500 करोड़), हीरो फिनकॉर्प (Hero FinCorp) (₹3,600 करोड़), फ्रैक्ल एनालिटिक्स (Fractal Analytics) (₹4,000 करोड़), क्लीनमैक्स एनवायरो (CleanMax Enviro) (₹5,200 करोड़), जुनिपर ग्रीन एनर्जी (Juniper Green Energy) (₹3,000 करोड़), पार्क मेडी वर्ल्ड (Park Medi World) (₹1,260 करोड़), और इनोवेटिव्यू इंडिया (Innovatiview India) (₹2,000 करोड़) शामिल हैं।
निवेशक दृष्टिकोण (Investor Outlook)
- कृष्णा पटवारी, संस्थापक और एमडी, वेल्थ विजडम इंडिया (Wealth Wisdom India) ने आईपीओ बाजार में पुनरुद्धार को नोट किया, इसका श्रेय रिकॉर्ड बाजार ऊंचाई और खुदरा निवेशकों की बढ़ी हुई जोखिम लेने की क्षमता को दिया।
- उन्होंने स्पष्ट ब्रांड दृश्यता और स्केलेबल बिजनेस मॉडल वाली कंपनियों में मजबूत भागीदारी पर प्रकाश डाला।
- हालांकि लिस्टिंग-डे के लाभ में भिन्नता रही है, जानी-मानी ब्रांड उन कंपनियों को आकर्षित करेंगी यदि मूल्य निर्धारण आकर्षक हो और विकास की संभावनाएं मजबूत हों।
प्रभाव (Impact)
₹40,000 करोड़ के आईपीओ का प्रवाह बाजार की तरलता (market liquidity) बढ़ा सकता है और निवेशकों को विविध अवसर प्रदान कर सकता है। यह भारतीय आर्थिक दृष्टिकोण और बड़े इश्यू को अवशोषित करने की इक्विटी बाजारों की क्षमता के बारे में कंपनियों के मजबूत विश्वास का संकेत देता है। यह गतिविधि बाजार को पुनर्जीवित कर सकती है, और अधिक पूंजी आकर्षित कर सकती है, और संभावित रूप से संबंधित क्षेत्रों को बढ़ावा दे सकती है।
* प्रभाव रेटिंग: 9