ग्लोबल मार्केट से मिले झटके और IPO की बुरी शुरुआत
2 मार्च 2026, सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में IPO लॉन्च करने वाली दो बड़ी कंपनियों - Brookfield समर्थित Clean Max Enviro Energy Solutions और कॉटन यार्न निर्माता Shree Ram Twistex - के लिए लिस्टिंग का दिन कयामत बनकर आया। Clean Max के शेयर इश्यू प्राइस ₹1,053 के मुकाबले 18.5% की गिरावट के साथ ₹858 पर बंद हुए, जिससे कंपनी का मार्केट कैप ₹10,045 करोड़ रह गया। वहीं, Shree Ram Twistex का हाल और भी बुरा रहा, शेयर इश्यू प्राइस ₹104 के मुकाबले 31.4% का भारी नुकसान झेलकर ₹71.4 पर बंद हुआ। इन आईपीओ की निराशाजनक शुरुआत बड़े ग्लोबल इक्विटी बिकवाली (Global Equity Sell-off) का नतीजा थी, जिसने शेयर बाजार में घबराहट फैला दी। Nifty 50 में 1.2% और Sensex में 1.6% की बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंताएं और बढ़ा दीं।
Clean Max: भारी कर्ज और महंगी वैल्यूएशन का बोझ
रिन्यूएबल एनर्जी जैसे बढ़ते सेक्टर में होने और 2.8 GW की ऑपरेशनल क्षमता होने के बावजूद, Clean Max के डेब्यू में इसके भारी कर्ज और वैल्यूएशन को लेकर गंभीर चिंताएं हावी रहीं। सितंबर 2025 तक कंपनी पर कुल ₹10,121.46 करोड़ का कर्ज था, जिसके कारण इसका डेट-टू-इक्विटी रेशियो 2.53 पहुंच गया था। इसके पोस्ट-आईपीओ प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो, पहली छमाही FY26 की कमाई के आधार पर, 324.28x था, जो FY25 की कमाई के आधार पर 500x से भी ऊपर चला जाता है। इसी महंगे वैल्यूएशन के कारण IPO में सिर्फ 0.99 गुना सब्सक्रिप्शन मिला, जिसमें रिटेल निवेशकों की भागीदारी सिर्फ 0.07 गुना रही। कंपनी का FY25 में नेट प्रॉफिट महज ₹19.43 करोड़ रहा, जबकि रेवेन्यू ₹1,610.34 करोड़ था। यह दिखाता है कि कंपनी की ग्रोथ को लेकर वैल्यूएशन काफी ज्यादा आंका गया था।
Shree Ram Twistex: मार्जिन दबाव और ग्राहक केंद्रितता का खतरा
कॉटन यार्न बनाने वाली Shree Ram Twistex के सामने भी चुनौतियां कम नहीं थीं। हालांकि कंपनी ने सोलर और विंड पावर प्रोजेक्ट्स के जरिए एनर्जी एफिशिएंसी पर ध्यान केंद्रित किया था, लेकिन IPO प्राइस ₹104 के मुकाबले शेयर 32% से ज्यादा की छूट पर खुले और 31.4% नीचे बंद हुए। IPO को 43.66 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था, जिसमें रिटेल और HNI निवेशकों का भारी समर्थन था। लेकिन, टेक्सटाइल सेक्टर इन दिनों मार्जिन दबाव से जूझ रहा है। एक्सपोर्ट पर मिलने वाले RoDTEP (Remission of Duties and Taxes on Exported Products) बेनिफिट्स में कटौती ने एक्सपोर्ट मार्जिन को कम कर दिया है, जिसके कारण मार्च 2026 की शुरुआत में कॉटन यार्न की कीमतों में 1-2% की गिरावट आई। साथ ही, Shree Ram Twistex को बड़े ग्राहक केंद्रितता (Customer Concentration) के जोखिम का सामना करना पड़ रहा है। FY25 के रेवेन्यू का 85.98% टॉप 10 ग्राहकों से आया, और सबसे बड़े ग्राहक का योगदान ही 32.97% था। कंपनी का FY26 की पहली छमाही की कमाई के आधार पर अनुमानित P/E करीब 23x है, जबकि FY25 का P/E लगभग 38x था, जिसे कुछ एनालिस्ट्स ने साथियों के मुकाबले प्रीमियम माना।
IPO मार्केट 2026: एक चुनिंदा माहौल
ये कमजोर लिस्टिंग 2026 की शुरुआत में भारतीय प्राइमरी मार्केट के ट्रेंड को दर्शाती हैं। 2025 के रिकॉर्ड प्रदर्शन के बाद, बाजार में थकान के संकेत दिख रहे हैं। सब्सक्रिप्शन लेवल में कमी आई है और लिस्टिंग पर शेयरों के प्रदर्शन में बड़ा अंतर देखा जा रहा है। निवेशक अब ज्यादा सतर्क हो गए हैं और अटकलों वाले दांव की बजाय, मजबूत निष्पादन क्षमता, ठोस मुनाफा और सही थीम वाली कंपनियों को प्राथमिकता दे रहे हैं। 2025 में औसत लिस्टिंग गेन (Listing Gain) पहले ही कम हो चुके थे, और 2026 में बाजार का मिजाज साफ तौर पर चुनिंदा हो गया है, जहां भरोसा ही नतीजों को तय कर रहा है।
भविष्य की राह: निवेशकों का विश्वास जीतना बड़ी चुनौती
Clean Max और Shree Ram Twistex दोनों को लिस्टिंग के बाद निवेशकों का भरोसा फिर से हासिल करने की बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। Clean Max के लिए, ₹10,000 करोड़ से ज्यादा के कर्ज को कम करना और अपने मुख्य रिन्यूएबल एनर्जी बिजनेस से स्थिर मुनाफा दिखाना सबसे अहम होगा। वहीं, Shree Ram Twistex को मार्जिन के दबाव से निपटना होगा, अपने रिन्यूएबल एनर्जी निवेश का फायदा उठाना होगा और ग्राहक केंद्रितता के जोखिम को कम करना होगा। एनालिस्ट्स का कहना है कि मौजूदा माहौल में IPOs को लेकर उनकी राय सतर्क है, और अब उन कंपनियों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है जो अनिश्चित वैश्विक आर्थिक माहौल में अपनी मजबूती और प्राइसिंग पावर साबित कर सकें। बाजार उन कंपनियों को तरजीह दे रहा है जो भरोसेमंद कमाई और सुरक्षित बैलेंस शीट पेश करती हैं, जिस पर ये दोनों कंपनियां डेब्यू के दिन खरी नहीं उतरीं।