Helios Capital के समीर अरोड़ा ने भारतीय शेयर बाजार को लेकर बड़ी उम्मीद जताई है। उनका अनुमान है कि आने वाले समय में कंपनियों की कमाई में **14-15%** की ग्रोथ दिख सकती है, जो बाजार के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
बाजार की नई दिशा
Helios Capital के फाउंडर और दिग्गज मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट समीर अरोड़ा का मानना है कि भारतीय इक्विटी मार्केट अब एक ऐसे मोड़ पर है जहां से रिकवरी संभव है। अरोड़ा का अनुमान है कि कॉर्पोरेट अर्निंग्स में 14% से 15% तक की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। डॉलर के टर्म में देखें तो यह करीब 11% के रिटर्न के बराबर होगा, जो ग्लोबल इन्वेस्टर्स को लुभाने के लिए काफी है।
ये फैक्टर्स बदलेंगे तस्वीर
अरोड़ा के मुताबिक, अमेरिका में नेतृत्व परिवर्तन से भारत को ट्रेड में बड़ी राहत मिल सकती है। वीजा और टैरिफ जैसे मुद्दों पर नरमी आने से एक्सपोर्ट को बूस्ट मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, भारत सरकार द्वारा टैक्स फ्रेमवर्क में स्थिरता लाने की कोशिशें इन्वेस्टर्स का भरोसा वापस जीतने के लिए बेहद जरूरी हैं। अगर रुपया स्थिर रहता है, तो भारत ग्लोबल कैपिटल के लिए फिर से पहली पसंद बन सकता है।
चुनौतियां अभी बाकी हैं
हालांकि यह आउटलुक आशावादी है, लेकिन साल 2026 की शुरुआत बाजार के लिए काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है। विदेशी पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPIs) ने भारतीय बाजारों से लगभग ₹3 लाख करोड़ की भारी निकासी की है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बदलाव ने भी मार्केट पर दबाव बनाया है।
टैक्स पॉलिसी पर नजर
इन्वेस्टर्स के बीच सबसे बड़ी चिंता 'कैपिटल गेंस टैक्स' को लेकर अनिश्चितता है। समीर अरोड़ा ने साफ किया है कि पॉलिसी में स्थिरता ही मार्केट की जान है। किसी भी तरह का अचानक बदलाव सेंटीमेंट्स को बिगाड़ सकता है। अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या कॉर्पोरेट अर्निंग्स वास्तव में उम्मीदों पर खरी उतर पाती हैं और रुपया अपनी स्थिरता बनाए रखता है या नहीं।
