HEG Limited अब दो अलग-अलग हिस्सों में बंट गई है। कंपनी ने डीमर्जर के लिए **7 सितंबर, 2026** की रिकॉर्ड डेट तय की है। इस फैसले के तहत निवेशकों को हर एक शेयर के बदले HEG Graphite Limited का एक शेयर मिलेगा, जबकि पुरानी कंपनी अब HEG Advanced Materials के नाम से जानी जाएगी।
HEG Limited का रीस्ट्रक्चरिंग प्लान अब अमल में आ गया है। कंपनी ने 1 सितंबर, 2026 से डीमर्जर को प्रभावी घोषित कर दिया है। इस बंटवारे का मुख्य मकसद कारोबार के जोखिम को अलग-अलग करना है। अब निवेशक यह चुन सकेंगे कि उन्हें स्टील इंडस्ट्री से जुड़ी स्टेबल कंपनी चाहिए या फिर इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) के हाई-ग्रोथ सेगमेंट में दांव लगाना है।
नई रणनीति और विस्तार (Expansion Plan)
HEG Advanced Materials अब पूरी तरह से EV सप्लाई चेन पर फोकस कर रही है। कंपनी ने ₹5,500 करोड़ का बड़ा निवेश प्लान तैयार किया है। इसका लक्ष्य 2032 फाइनेंशियल ईयर तक सिंथेटिक ग्रेफाइट एनोड की प्रोडक्शन कैपेसिटी को 60,000 टन तक ले जाना है। इस बड़े विस्तार के लिए कंपनी ₹1,500 करोड़ इक्विटी के जरिए और ₹4,000 करोड़ कर्ज (Debt) के जरिए जुटाएगी।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
यह महत्वाकांक्षी विस्तार अपने साथ कुछ गंभीर चुनौतियां भी लाया है:
- कर्ज का दबाव: कंपनी का बड़ा हिस्सा कर्ज से फंड हो रहा है, जिससे इंटरेस्ट कॉस्ट बढ़ सकती है और कैश फ्लो पर दबाव आ सकता है।
- एग्जीक्यूशन रिस्क: एनोड प्रोडक्शन एक तकनीकी रूप से जटिल और कैपिटल-इंटेंसिव प्रोसेस है। अगर प्लांट लगाने में देरी हुई या EV डिमांड धीमी रही, तो कर्ज का बोझ निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
वहीं, दूसरी ओर HEG Graphite Limited का प्रदर्शन ग्लोबल स्टील डिमांड पर निर्भर रहेगा। यह बिजनेस कैश तो अच्छा जेनरेट करता है, लेकिन स्टील साइकिल के उतार-चढ़ाव का सीधा असर इसके शेयरों पर दिख सकता है। अब मार्केट की नजरें इस नई कंपनी की लिस्टिंग पर टिकी होंगी कि यह शेयर बाजार में कैसी शुरुआत करती है।
