4 फरवरी, 2026 को भारतीय बाज़ार ने एक विरोधाभासी तस्वीर पेश की। एक ओर जहां सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी ने निवेशकों को मालामाल किया, वहीं दूसरी ओर टेक्नोलॉजी सेक्टर में AI के बढ़ते दबदबे के खौफ से भारी गिरावट आई, जिसने पूरा बाज़ार हिलाकर रख दिया।
सुरक्षित निवेश में बम्पर तेजी
Global Uncertainty और अमेरिकी डॉलर के कमजोर पड़ने से सोने और चांदी के भावों में जोरदार उछाल देखा गया। अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में स्पॉट Gold $5,000 प्रति औंस के पार निकल गया, वहीं भारत में 24 कैरेट सोने का भाव ₹16,000 प्रति ग्राम के ऊपर जा पहुंचा। विश्लेषकों को उम्मीद है कि UBS के अनुसार, सोने का भाव मध्य वर्ष तक $6,200 प्रति औंस तक जा सकता है, और साल के अंत तक यह $6,300 तक भी पहुंच सकता है। Silver भी $89 प्रति औंस के ऊपर कारोबार कर रही है, जिसकी वजह औद्योगिक मांग और आपूर्ति की कमी बताई जा रही है। विश्लेषक J.P. Morgan Silver के लिए $125 का टारगेट दे रहे हैं।
शेयर बाज़ार में मामूली बढ़त, पर घबराहट हावी
इन सबके बीच, बाकी Indian equity market ने मामूली बढ़त के साथ कारोबार बंद किया। BSE Sensex 78.56 अंक चढ़कर 83,817.69 पर बंद हुआ, जबकि NSE Nifty 50 में 48.45 अंकों की बढ़त के साथ 25,776 पर क्लोजिंग आई। यह तेजी Apollo Tyres और Trent जैसी कंपनियों के दमदार तिमाही नतीजों से मिली। हालांकि, Tata Power का नेट प्रॉफिट मामूली बढ़ा, वहीं Jubilant Ingrevia के मुनाफे में गिरावट आई। IndiGo के रेगुलेटरी जांच का सामना करने की खबर भी बाज़ार के लिए चिंता का सबब बनी रही। Marico ने Cosmix Wellness में 60% हिस्सेदारी ₹375 करोड़ में खरीदने का ऐलान किया, जबकि Sterlite Technologies फंडरेज़िंग पर विचार कर रही है।
AI का डर: टेक शेयरों में भूचाल
लेकिन इस दिन का सबसे बड़ा झटका Technology Sector को लगा। अमेरिकी फर्म Anthropic द्वारा नए AI टूल्स, खासकर Claude Cowork के लॉन्च से निवेशकों में हड़कंप मच गया। इस टूल की क्षमताएं सेल्स, लीगल और डेटा एनालिसिस जैसे जटिल कामों को ऑटोमेट करने की हैं। निवेशकों को डर है कि यह AI टेक्नोलॉजी पारंपरिक सॉफ्टवेयर कंपनियों के बिजनेस मॉडल को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है और भविष्य की कमाई पर रोक लगा सकती है। इसके चलते Nifty IT इंडेक्स में 7% से ज्यादा की गिरावट आई और करीब ₹2 लाख करोड़ का मार्केट कैप रातोंरात गायब हो गया। Infosys, TCS, Wipro और HCL Tech जैसी दिग्गज IT कंपनियों के शेयरों में 5% से 8% तक की गिरावट देखी गई। यह Technology Sector में मार्च 2020 के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट थी।
क्यों हुआ ऐसा? सेक्टरों का विश्लेषण
बाज़ार की यह दोहरी चाल कई बड़े मैक्रोइकॉनॉमिक ट्रेंड्स को दर्शाती है। डॉलर के कमजोर होने से Gold जैसी सुरक्षित संपत्तियों को मजबूती मिली। वहीं, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों (ADP, PMI) से मिले मिले-जुले संकेत Federal Reserve की आगे की रणनीति पर सवाल खड़े कर रहे हैं। भारत में, यूटिलिटीज सेक्टर ने IT Sector की गिरावट को कुछ हद तक संभाला। हालिया India-US व्यापार डील, जिसमें US ने भारतीय सामानों पर टैरिफ 18% तक कम किया, एक सकारात्मक संकेत था, लेकिन IT Sector की गिरावट ने इस पर पानी फेर दिया। एनालिस्ट्स का मानना है कि बाज़ार में अभी भी उठा-पटक जारी रह सकती है, और ऐसे में लार्ज-कैप और मिड-कैप शेयरों में निवेश बेहतर साबित हो सकता है।
