शेयर भागा, पर क्यों? नतीजों पर भारी पड़ी टेक्निकल तेजी
Godawari Power & Ispat के शेयर ने बुधवार को 5% का जंप लगाया, जो ₹277 के स्तर के करीब बंद हुआ। यह तेजी तब दर्ज की गई जब कंपनी ने Q3 FY2026 के लिए पिछले साल की तुलना में रेवेन्यू और नेट प्रॉफिट में गिरावट की सूचना दी। शेयर का यह मूव सितंबर 2025 से बनी अपनी रेजिस्टेंस (Resistance) लेवल को तोड़ने के कारण आया।
मुनाफे में गिरावट और वैल्यूएशन पर सवाल
हालांकि, शेयर में तेजी के बावजूद, कंपनी के नतीजे चिंताजनक हैं। Q3 FY2026 में, Godawari Power & Ispat का रेवेन्यू साल-दर-साल 11.5% घटकर ₹1,139.45 करोड़ रहा। वहीं, नेट प्रॉफिट 1.06% की मामूली गिरावट के साथ ₹143.25 करोड़ पर आ गया।
कंपनी का वैल्यूएशन (Valuation) भी चिंता का विषय है। इसका ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ (TTM) प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेशियो 21.03x से 25.13x के बीच है, जो इसके 10 साल के औसत P/E 4.38x से काफी ज्यादा है। यह भारतीय मेटल्स और माइनिंग इंडस्ट्री के औसत P/E 19.6x से भी ऊपर है। बड़े प्लेयर जैसे SAIL का P/E लगभग 18.6x है, जबकि JSW Steel का फॉरवर्ड P/E 30.6x है।
स्टील सेक्टर की अपनी चुनौतियां
भारतीय स्टील की मांग FY2025/2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर और कंस्ट्रक्शन की वजह से 8-9% बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन, मार्जिन प्रेशर और ट्रेड इश्यूज के कारण ऑपरेटिंग मार्जिन करीब 12.5% रहने का अनुमान है। ग्लोबल फैक्टर जैसे कि फ्रेट और इंश्योरेंस कॉस्ट में बढ़ोतरी से डोमेस्टिक हॉट-रोल्ड कॉइल (HRC) की कीमतें नवंबर 2025 से लगभग 23% बढ़ चुकी हैं। यूरोप के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) जैसे ट्रेड बैरियर्स भारतीय स्टील एक्सपोर्ट के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं। कंपनी का मार्केट कैप करीब ₹18,617 करोड़ है।
एनालिस्ट्स की राय और आगे क्या?
एनालिस्ट्स (Analysts) का 12 महीने का औसत प्राइस टारगेट ₹275.00 है, जो स्टॉक में सीमित अपसाइड (Upside) का संकेत देता है। प्रमोटर होल्डिंग पिछले 3 साल में 4.01% कम हुई है। कंपनी पर कर्ज कम है और रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) अच्छा है। लेकिन, हालिया नतीजों में गिरावट और वैल्यूएशन को देखते हुए निवेशक सतर्क दिख रहे हैं। कुल मिलाकर, एनालिस्ट्स 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, पर शेयर की तेजी की टिकाऊपन (Sustainability) भविष्य में फाइनेंशियल परफॉर्मेंस में सुधार पर निर्भर करेगा।