एक तरफ जहां Fedders Holding ने अपने कंसोलिडेटेड नतीजों से निवेशकों को खुश किया है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी के ऑडिटर की रिपोर्ट ने चिंता बढ़ा दी है।
कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में तूफानी तेज़ी
कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट Q3 FY26 में 809.54% बढ़कर ₹3,669.64 लाख हो गया। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर प्रति शेयर आय (EPS) भी 574.07% बढ़कर ₹1.82 पर आ गई। कंसोलिडेटेड टोटल इनकम ₹7,968.00 लाख रही, जो पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 9.08% कम है, लेकिन पिछली तिमाही (QoQ) से 48.83% ज्यादा है।
स्टैंडअलोन इनकम में भारी गिरावट
इसके उलट, Fedders Holding की स्टैंडअलोन टोटल इनकम Q3 FY26 में सिर्फ ₹0.75 लाख रही, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 98.25% की भारी गिरावट को दर्शाता है। स्टैंडअलोन आधार पर कंपनी को ₹7.22 लाख का नेट लॉस (Net Loss) हुआ है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में ₹8.16 लाख का मुनाफा (Profit) था।
ऑडिटर की 'क्वालिफाइड कन्क्लूजन' वाली रिपोर्ट
नतीजों की असली कहानी ऑडिटर की रिपोर्ट में छिपी है। ऑडिटर ने कंपनी के कंसोलिडेटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स पर 'क्वालिफाइड कन्क्लूजन' (Qualified Conclusion) दिया है, जिसका मतलब है कि उन्हें खातों की कुछ बातों पर गंभीर आपत्ति है।
- सबसे बड़ी चिंता पहले राइट-ऑफ (written-off) किए गए ₹26.44 करोड़ (₹2,644 लाख) के ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) को पर्याप्त डॉक्यूमेंटेशन के बिना 'अन्य आय' (Other Income) के तहत फिर से दर्ज करने को लेकर है। इससे कंपनी की अन्य आय और देनदारों (debtors) पर असर पड़ा है।
- इसके अलावा, ऑडिटर ने ₹47.65 लाख को इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड (Investor Education and Protection Fund) में ट्रांसफर न करने, फिक्स्ड एसेट (Fixed Asset) और इन्वेंट्री (Inventory) के रिकॉर्ड में खामियां, प्रेफरेंस शेयर (Preference Share) के लिए Ind AS 109 का अनुपालन न करने और यात्रा व्यय (Travel Expenses) के लिए असंतोषजनक सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स जैसी कई बातों पर भी सवाल उठाए हैं।
इनकम टैक्स की सर्च से बढ़ी चिंता
इन सबके बीच, कंपनी के खिलाफ चल रही इनकम टैक्स (Income Tax) की सर्च (Search) कार्रवाई ने कंपनी के गवर्नेंस (Governance) पर चिंताएं और बढ़ा दी हैं। निवेशकों की नजर अब मैनेजमेंट के जवाबों पर होगी कि वे इन ऑडिट आपत्तियों और अकेले (Standalone) बिजनेस की चुनौतियों से कैसे निपटते हैं।