Long-Term Investment: मल्टीबैगर शेयर कैसे चुनें? मार्केट दिग्गजों ने बताया सफलता का मंत्र

STOCK-INVESTMENT-IDEAS
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Long-Term Investment: मल्टीबैगर शेयर कैसे चुनें? मार्केट दिग्गजों ने बताया सफलता का मंत्र

BFSI Insight Summit में मार्केट एक्सपर्ट्स ने लॉन्ग-टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए खास फॉर्मूले बताए हैं। निवेशकों को बाजार के शोर से दूर रहकर फंडामेंटल एनालिसिस और धैर्य पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।

लॉन्ग-टर्म निवेश के लिए किसी एक 'जादुई' ट्रिगर की तलाश करना अक्सर गलत साबित होता है। Business Standard BFSI Insight Summit में विशेषज्ञों ने उन पैमानों पर रोशनी डाली, जो एक कंपनी को भविष्य का मल्टीबैगर बनाने में मदद करते हैं।

कैपेसिटी एक्सपेंशन का गणित

जब कोई कंपनी मैन्युफैक्चरिंग या इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश करती है, तो यह डिमांड बढ़ने का संकेत हो सकता है। हालांकि, निवेशकों को यह देखना चाहिए कि क्या कंपनी का ROCE (Return on Capital Employed) स्केल बढ़ने के साथ स्थिर है या नहीं। अगर कंपनी बिना किसी ठोस योजना के पैसा खर्च कर रही है, तो यह मार्जिन पर दबाव डाल सकता है।

लीडरशिप और टर्नअराउंड

प्रमोटर-लेड कंपनियों में लीडरशिप का नया दौर अक्सर नई महत्वाकांक्षा लेकर आता है, लेकिन इसमें गवर्नेंस और स्टेबिलिटी का रिस्क भी होता है। वहीं, टर्नअराउंड कंपनियों में कमाई का बड़ा मौका होता है, बशर्ते आप 'वैल्यू ट्रैप' (Value Trap) से बचें—यानी ऐसी कंपनी जो सस्ती दिखती है लेकिन फंडामेंटली सुधरने में नाकाम रहती है।

अनुशासन और धैर्य

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बार-बार ट्रेडिंग (Over-trading) करने के बजाय कंपनी के बिजनेस मॉडल पर भरोसा रखना जरूरी है। शेयर को डेली या मंथली ट्रैक करने के बजाय, कंपनी के क्वार्टरली प्रॉफिट मार्जिन, डेट लेवल, और प्रोजेक्ट्स की समयसीमा पर ध्यान दें। अगर फंडामेंटल्स बिगड़ने लगें, तो पुरानी ग्रोथ स्टोरी के भरोसे बैठे रहने के बजाय अपनी रणनीति पर दोबारा गौर करना ही समझदारी है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.