30 सितंबर के बाजार में दोहरी तस्वीर दिखी। जहां Ester Industries और ITDC के शेयरों में **8-11%** तक की उछाल दर्ज की गई, वहीं Wipro और Britannia जैसे दिग्गज ब्लू-चिप शेयर अपने 52-हफ्ते के निचले स्तर (52-week low) पर फिसल गए।
मिड-कैप में खरीदारी, लार्ज-कैप में घबराहट
बाजार में आज साफ तौर पर एक बंटवारा देखने को मिला। Ester Industries ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 11.56% की छलांग लगाई और ₹101.46 पर बंद हुआ। इस तेजी के पीछे तकनीकी मजबूती है, क्योंकि शेयर अपने 30, 50, 150 और 200-दिनों के मूविंग एवरेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है।
वहीं, हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से ITDC का शेयर भी पीछे नहीं रहा और 7.95% की बढ़त के साथ ₹718.55 पर पहुंच गया। इस दौरान Essar Shipping और JHS Svendgaard Retail Ventures जैसे मिड-कैप स्टॉक्स अपर सर्किट (Upper Circuit) को छूते हुए नजर आए।
ब्लू-चिप्स पर क्यों है दबाव?
बाजार के दिग्गज शेयरों में संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors) की ओर से काफी बिकवाली देखी गई। Britannia Industries, Voltas, Godrej Consumer और Wipro जैसी बड़ी कंपनियों के शेयर अपने 52-हफ्ते के नए निचले स्तर पर आ गए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि वैल्यूएशन को लेकर चिंता के चलते बड़े निवेशक अपने पोर्टफोलियो को री-बैलेंस कर रहे हैं।
अन्य मिड-कैप स्टॉक्स का हाल
गिरावट केवल ब्लू-चिप्स तक सीमित नहीं रही। Shanthi Gears का शेयर 4.35% गिरकर ₹573.55 पर बंद हुआ। इसके अलावा, Kirloskar Brothers और GVP Infotech में भी 4% से अधिक की कमजोरी देखी गई। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या यह मिड-कैप मोमेंटम बरकरार रह पाएगा या लार्ज-कैप की कमजोरी पूरे बाजार को नीचे खींच लेगी।
