ग्लोबल निवेशकों के लिए खुला भारतीय स्मॉल-कैप का दरवाज़ा
मुंबई की Equitree Capital Advisors ने 'Equitree Emerging Opportunities Fund' नाम से एक नया फंड लॉन्च किया है। यह फंड GIFT City (गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक सिटी) के नियमों के तहत कैटेगरी III अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड (AIF) के तौर पर स्ट्रक्चर किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्लोबल कैपिटल को भारत के तेजी से बढ़ते स्मॉल-कैप इक्विटी मार्केट में लाना है। यह फंड डॉलर में होगा और Equitree की सफल पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) स्ट्रैटेजी को ही फॉलो करेगा।
40% सालाना रिटर्न देने वाली स्ट्रैटेजी का दम
Equitree की इस स्ट्रैटेजी ने अप्रैल 2020 से अब तक सालाना 40% की ग्रोथ दी है। यह प्रदर्शन Nifty Small Cap 100 TRI के सालाना 29% और BSE 500 TRI के सालाना 22% के रिटर्न से कहीं ज़्यादा बेहतर है (अप्रैल 2026 तक की फीस के बाद)। इस नए फंड के ज़रिए Equitree अपनी रिसर्च-बेस्ड और कंसन्ट्रेटेड इन्वेस्टमेंट अप्रोच को ग्लोबल निवेशकों तक पहुंचाना चाहती है।
GIFT City: ऑफशोर कैपिटल का नया हब
GIFT City का यह कदम इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) को भारत-केंद्रित ऑफशोर फंड्स के हब के तौर पर स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मार्च 2020 में जहां GIFT City में $0.5 बिलियन से कम कैपिटल मैनेज हो रहा था, वहीं दिसंबर 2025 तक यह बढ़कर $32.13 बिलियन हो गया। यहां फंड मैनेजमेंट एंटिटीज (FMEs) की संख्या भी 8 से बढ़कर 202 हो गई है। इस कैपिटल का करीब 85% भारत में ही निवेश किया जाता है। IFSC में फंड्स को नॉन-रेसिडेंट निवेशकों के लिए टैक्स फायदों के साथ-साथ मॉरीशस और सिंगापुर जैसे लोकेशंस की तुलना में बेहतर कॉम्पिटिटिवनेस मिलती है।
स्मॉल-कैप में ग्रोथ की उम्मीद, पर वैल्यूएशन की चिंता
हालांकि, भारतीय स्मॉल-कैप सेगमेंट हाई- ग्रोथ का मौका देता है, लेकिन वैल्यूएशन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं। Nifty Smallcap 100 इंडेक्स फिलहाल 30.0 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। वहीं, BSE SmallCap इंडेक्स का प्राइस-टू-बुक (P/B) रेश्यो करीब 4.2x है, जो अपने लॉन्ग-टर्म एवरेज से ऊपर है। स्मॉल और मिड-कैप स्टॉक्स लार्ज-कैप की तुलना में 40% प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं, जबकि ऐतिहासिक रूप से यह प्रीमियम 20% रहा है। एनालिस्ट्स का मानना है कि इस सेगमेंट के लिए 22% की अनुमानित सालाना कमाई ग्रोथ शायद हकीकत से दूर हो, जिससे मार्केट रेंज-बाउंड रह सकता है।
जोखिम और भविष्य का नज़रिया
स्मॉल और मिड-कैप फंड्स में लगातार हो रही भारी इनफ्लो (निवेश) वैल्यूएशन के जोखिमों को छिपा रही है। Nuvama Wealth Management के अनुसार, स्मॉल और मिड-कैप वैल्यूएशन ग्लोबल इमर्जिंग मार्केट के मुकाबले काफी स्ट्रेच्ड हैं, जहां P/B रेश्यो करीब 2.5x है। कमाई ग्रोथ के बजाय मार्केट लिक्विडिटी और डोमेस्टिक इनफ्लो पर निर्भरता सस्टेनेबिलिटी पर सवाल उठाती है। हाई-लीवरेज्ड स्मॉल और मिड-कैप कंपनियों को मंदी या रेवेन्यू टारगेट मिस होने पर बड़ा डाउनसाइड रिस्क झेलना पड़ सकता है। GIFT City के भीतर कॉम्पिटिशन भी बढ़ रहा है। इन चिंताओं के बावजूद, GIFT City के रणनीतिक फायदे और इमर्जिंग मार्केट ग्रोथ, खासकर भारत में, के लिए ग्लोबल भूख को देखते हुए कैपिटल फ्लो जारी रहने की उम्मीद है। Equitree Capital का नया फंड एक ऐसी स्ट्रैटेजी का इस्तेमाल करता है जो आउटपरफॉर्म करने के लिए डिज़ाइन की गई है।
