40 साल का इमर्जिंग मार्केट्स में सफर
Mark Mobius, जिन्हें इमर्जिंग मार्केट्स में निवेश का एक चमकता सितारा माना जाता था, का 89 साल की उम्र में दुनिया से चले जाना ग्लोबल फाइनेंस के लिए एक बड़ी क्षति है। Mobius ने चार दशक से ज्यादा समय तक एशिया, अफ्रीका, पूर्वी यूरोप और लैटिन अमेरिका जैसे विकासशील देशों में निवेश के बड़े अवसर ढूंढे और अपनी एक खास पहचान बनाई।
'ऑन-द-ग्राउंड' अप्रोच से बनाई पहचान
Mobius अपनी फर्स्ट-हैंड रिसर्च के लिए जाने जाते थे। उनका मानना था कि किसी भी कंपनी या मार्केट को समझने के लिए खुद वहां जाकर, फैक्ट्रियों और डिस्ट्रीब्यूटर्स से मिलकर 'टायर खटखटाने' (kick the tires) चाहिए। इसी 'ऑन-द-ग्राउंड' (on-the-ground) तरीके से वे ऐसे इनसाइट्स हासिल करते थे जो सिर्फ ऑफिस में बैठे एनालिस्ट्स के लिए मुमकिन नहीं था। उन्होंने 1987 में Franklin Templeton Investments जॉइन किया और तेजी से विकसित हो रहे मार्केट्स की क्षमता के पक्के समर्थक बन गए। वे 2016 तक Templeton Emerging Markets Group का नेतृत्व करते रहे।
शानदार परफॉरमेंस और अहम मार्केट कॉल्स
Franklin Templeton में अपने 30 साल से भी ज्यादा के कार्यकाल के दौरान, Mobius द्वारा मैनेज किए गए फंड्स ने जबरदस्त कामयाबी हासिल की। 1989 से 2015 तक, Templeton Emerging Markets Investment Trust ने सालाना औसतन 13.4% का रिटर्न दिया, जो 2001 के बाद से MSCI Emerging Markets Index से सालाना 1.9% ज्यादा था। Mobius ने 2009 के बुल मार्केट का सटीक अनुमान लगाया और 1997 के एशियाई वित्तीय संकट व 1998 के रूसी संकट जैसी मंदी के दौर में भी मौके भुनाए। उन्होंने 2012 में Templeton Africa Fund लॉन्च कर अफ्रीका को फ्रंटियर मार्केट के तौर पर सपोर्ट किया।
बाद के वेंचर्स और हमेशा याद रहने वाली विरासत
2018 में Franklin Templeton छोड़ने के बाद भी Mobius फाइनेंस की दुनिया में सक्रिय रहे। उन्होंने 2018 में Mobius Capital Partners की स्थापना की और बाद में दुबई में एक और वेंचर शुरू किया। फंड मैनेजमेंट के अलावा, उन्होंने कई किताबें लिखीं और जिम्मेदार निवेश (responsible investing) के बड़े पैरोकार रहे। उनके खास अंदाज और मार्केट की गहरी समझ ने उन्हें "Bald Eagle" का निकनेम दिलाया और निवेश जगत में एक सम्मानित आइकॉन बनाया।