EPFO का बड़ा दांव: ₹31 लाख करोड़ के फंड में नई स्ट्रैटेजी, डिफेंस-रेलवे में हो सकती है एंट्री!

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AuthorNeha Patil|Published at:
EPFO का बड़ा दांव: ₹31 लाख करोड़ के फंड में नई स्ट्रैटेजी, डिफेंस-रेलवे में हो सकती है एंट्री!
Overview

देश का सबसे बड़ा पेंशन फंड, EPFO, अपने **₹31 लाख करोड़** के इक्विटी इनवेस्टमेंट में बड़ा फेरबदल करने जा रहा है। अब सिर्फ पारंपरिक ETFs पर निर्भर रहने के बजाय, यह फंड डिफेंस, रेलवे, रेअर अर्थ जैसे 'सनराइज' सेक्टर्स और खास फैक्टर-आधारित इंडेक्स में भी पैसा लगाने की योजना बना रहा है।

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EPFO की इन्वेस्टमेंट कमेटी 10 फरवरी को एक अहम मीटिंग करने वाली है, जिसमें फंड के इक्विटी पोर्टफोलियो को नई दिशा देने पर चर्चा होगी। यह ₹31 लाख करोड़ की एसेट मैनेज करने वाली संस्था, अपनी इक्विटी होल्डिंग को मौजूदा बेंचमार्क वाले एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) से आगे ले जाने की तैयारी में है। फंड का फोकस अब सेक्टोरल, फैक्टर-आधारित और 'सनराइज' सेक्टर्स जैसे रेअर अर्थ, रेलवे और डिफेंस में निवेश के नए अवसरों को खोजना है।

एक नई स्ट्रैटेजी की ओर

यह डाइवर्सिफिकेशन की कोशिश 2016 के बाद फिर से शुरू हुई है, जब उस वक्त भी BSE और NSE के नैक्स्ट 50 और मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स जैसे विकल्पों पर विचार किया गया था, लेकिन वे पूरी तरह अमल में नहीं आ पाए थे। नवंबर 2024 में EPFO की इन्वेस्टमेंट कमेटी ने कंसल्टेंट CRISIL को इन नए निवेश अवसरों का विश्लेषण करने का जिम्मा सौंपा था। CRISIL ने अपनी रिपोर्ट में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, IT, FMCG, डिफेंस, रेलवे और सर्विसेज जैसे सेक्टर्स के इंडेक्स का सुझाव दिया है।

नए सेक्टर्स और इंडेक्स पर नजर

इसके अलावा, ESG (एनवायरनमेंटल, सोशल और गवर्नेंस) सिद्धांतों और उभरते सेक्टर्स पर फंड के बढ़ते फोकस को देखते हुए, CRISIL ने Nifty EV and New Age Automotive, Nifty 100 ESG Sector Leaders, और Nifty India Defence जैसे इंडेक्स को भी शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। कंसल्टेंट ने मोमेंटम (momentum) या वैल्यू (value) स्टॉक्स को ट्रैक करने वाले फैक्टर-आधारित इंडेक्स का भी मूल्यांकन किया है और उनके रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न्स (risk-adjusted returns) का अनुमान लगाने के लिए शार्प रेशियो (Sharpe Ratio) के आधार पर उन्हें रैंक किया है। 31 दिसंबर 2025 तक, EPFO के इक्विटी इनवेस्टमेंट्स उसके कुल एसेट्स का 10.57% थे, और उम्मीद है कि इन डाइवर्सिफिकेशन प्लान्स के परिपक्व होने पर इस हिस्से में रणनीतिक फेरबदल किया जाएगा।

डेट पोर्टफोलियो का भी होगा रिव्यू

साथ ही, EPFO अपने डेट पोर्टफोलियो, जो कि कुल निवेश का 89% से अधिक है, के लिए भी एक नया बेंचमार्क तय करने पर विचार कर रहा है। CRISIL ने एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड (EPF) और एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम (EPS) के लिए अलग-अलग बेंचमार्क सुझाए हैं, खासकर EPS के लंबे निवेश होराइजन को ध्यान में रखते हुए। यह कदम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की उस रिपोर्ट से भी प्रेरित है, जिसमें EPFO की विभिन्न स्कीम्स के लिए अलग-अलग इनवेस्टमेंट पैटर्न और बेंचमार्क की सलाह दी गई थी। आने वाली कमेटी मीटिंग में इन प्रस्तावों पर गौर किया जाएगा, जो भारत के सबसे बड़े संस्थागत निवेशकों में से एक की भविष्य की दिशा तय कर सकते हैं।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.