Q4 Earnings: फार्मा का प्रॉफिट गिरा, फिनटेक में लौटी रौनक
वित्तीय वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे भारतीय कंपनियों के लिए मिले-जुले रहे। दिग्गज फार्मा कंपनी Dr. Reddy's Laboratories ने साल-दर-साल आधार पर अपने नेट प्रॉफिट में 86.2% की भारी गिरावट दर्ज की, जो घटकर ₹220.1 करोड़ रह गया। वहीं, फिनटेक कंपनी MobiKwik Systems ने एक बड़ा उलटफेर करते हुए पिछले साल की इसी तिमाही के ₹56 करोड़ के घाटे को मुनाफे में बदल दिया और ₹4.38 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया। यह दिखाता है कि कुछ सेक्टर्स में दबाव है, वहीं कुछ में सुधार दिख रहा है।
फार्मा पर भारी पड़े एकमुश्त खर्चे, फिनटेक ने कसा कसकर शिकंजा
Dr. Reddy's Laboratories के प्रॉफिट में गिरावट की मुख्य वजहें कुछ बड़े एकमुश्त खर्चे रहे। कंपनी पर ₹453 करोड़ का शेल्फ स्टॉक एडजस्टमेंट (lenalidomide के लिए), ₹228 करोड़ का CAR-T एसेट्स पर इंपेयरमेंट चार्ज और ₹114 करोड़ की वैट लायबिलिटी प्रोविजन का बोझ पड़ा। इसके अलावा, कंपनी का रेवेन्यू भी 11.64% घटकर ₹7,516.2 करोड़ पर आ गया। हालांकि, इन खास खर्चों को हटा दें तो एडजस्टेड रेवेन्यू में मामूली गिरावट दिखी, पर रिपोर्ट किए गए नंबर्स ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दीं।
MobiKwik Systems की बात करें तो, लागत नियंत्रण (cost controls) और बेहतर एफिशिएंसी के दम पर कंपनी मुनाफे में लौटने में सफल रही। कंपनी का रेवेन्यू भी इस दौरान 7.8% बढ़कर ₹289 करोड़ तक पहुंचा। कंपनी ने ₹4.38 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल इसी अवधि में हुए ₹56 करोड़ के घाटे से एक बड़ा सुधार है।
अन्य सेक्टर्स का प्रदर्शन: कहीं तेजी, कहीं मंदी
Q4 FY26 के नतीजों ने यह भी दिखाया कि इंडस्ट्रियल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में अच्छी ग्रोथ देखी गई। MTAR Technologies का रेवेन्यू 67.2% बढ़कर ₹306.1 करोड़ हुआ और नेट प्रॉफिट में 222.3% की जबरदस्त उछाल आकर ₹44.3 करोड़ पर पहुंच गया। Inox India ने भी 15% प्रॉफिट ग्रोथ के साथ ₹75.2 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, वहीं रेवेन्यू में 25% की बढ़ोतरी हुई। Berger Paints India ने 27.5% का नेट प्रॉफिट जंप दर्ज किया, जो ₹335 करोड़ रहा। कंपनी का वॉल्यूम ग्रोथ 11.8% रहा और रॉ मैटेरियल कॉस्ट में कमी से मार्जिन में सुधार हुआ। Tata Power का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 8.3% बढ़कर ₹1,415.52 करोड़ रहा, जिसमें रिन्यूएबल एनर्जी और ट्रांसमिशन बिजनेस का बड़ा योगदान रहा।
हालांकि, कुछ कंपनियों को मार्जिन पर दबाव का सामना करना पड़ा। Dixon Technologies का नेट प्रॉफिट 36% गिरकर ₹256 करोड़ पर आ गया, जबकि रेवेन्यू में 2% की मामूली बढ़ोतरी हुई। इसका मुख्य कारण कंपोनेंट कॉस्ट का बढ़ना और प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का खत्म होना रहा, जिससे मार्जिन पर असर पड़ा। गेमिंग सेक्टर की Nazara Technologies ने 24% रेवेन्यू गिरावट के बावजूद, 'अन्य आय' (other income) में भारी उछाल के चलते नेट प्रॉफिट तीन गुना होकर ₹55.7 करोड़ दर्ज किया।
एनालिस्ट्स की चिंताएं और आगे का रास्ता
Dr. Reddy's Laboratories के नतीजे कुछ चिंताएं खड़ी करते हैं, खासकर प्रॉफिट सस्टेनेबिलिटी को लेकर। नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट और मार्जिन का 5.09% (पिछले साल 23.49% था) तक सिकुड़ना, परिचालन (operations) से जुड़ी गहरी समस्याओं की ओर इशारा कर सकता है।
वहीं, Dixon Technologies के लिए PLI स्कीम का खत्म होना एक बड़ी चुनौती है, जिससे मार्जिन पर दबाव बना रहेगा। MobiKwik के लिए प्रॉफिट में वापसी अच्छी बात है, लेकिन फ्लैट सीक्वेंशियल ग्रोथ (sequential growth) और स्टॉक में गिरावट यह दर्शाती है कि निवेशक सिर्फ लागत घटाने से आगे बढ़कर मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ और निरंतर प्रॉफिटेबिलिटी देखना चाहते हैं।
