DIIs का दबदबा, FIIs की दिखी दूरी
साल 2025 के अंत तक, डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (DIIs) ने Nifty 50 इंडेक्स में फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) से ज्यादा हिस्सेदारी ले ली है। यह एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है। DIIs ने 2025 में करीब ₹7.5 लाख करोड़ का भारी निवेश किया, जबकि इसी दौरान FIIs ने ₹1.5 लाख करोड़ से ज्यादा की बिकवाली की। यह दिखाता है कि घरेलू निवेशकों का भारतीय बाज़ार पर भरोसा बढ़ा है, भले ही ग्लोबल सेंटीमेंट थोड़ा नरम रहा हो।
IT सेक्टर में गिरावट, पर चुनिंदा शेयरों पर फोकस
फरवरी 2026 तक, बाज़ार में थोड़ी उठापटक देखी गई। Nifty 50 इंडेक्स करीब 25,471 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था। खास तौर पर IT सेक्टर में बड़ी गिरावट आई, जो पिछले हफ्ते 5.5% तक टूट गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने से नौकरियों और आउटसोर्सिंग पर असर पड़ने के डर ने TCS, Infosys और Mphasis जैसी बड़ी IT कंपनियों के शेयरों को गिरा दिया।
मिला-जुला माहौल, फिर भी इन 5 शेयरों पर साथ दांव
ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद, Q3 FY26 में 5 ऐसे चुनिंदा शेयर थे जिन पर DIIs और FIIs दोनों ने एक साथ खरीदारी की। इससे पता चलता है कि निवेशक उन कंपनियों पर दांव लगा रहे हैं जहाँ लंबी अवधि में ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं हैं या जो बड़ा स्ट्रेटेजिक बदलाव कर रही हैं, भले ही उनके मौजूदा फाइनेंसियल नंबर्स उतने अच्छे न हों।
- Mphasis: इस IT कंपनी में DIIs की हिस्सेदारी बढ़कर 45.3% और FIIs की 19.8% हो गई। इसका मुख्य कारण कंपनी का AI प्लेटफॉर्म 'NeoIP™' और AI से जुड़े बड़े कॉन्ट्रैक्ट्स जीतना है।
- RBL Bank: इस बैंक में भी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ी है। FIIs ने अपनी हिस्सेदारी 21.9% और DIIs ने 39.7% तक पहुंचाई। इसकी वजह Emirates NBD द्वारा बैंक में बड़ी हिस्सेदारी खरीदने की डील और बैंक के प्रॉफिट में शानदार उछाल है।
- Utkarsh Small Finance Bank: इस बैंक में FIIs की हिस्सेदारी 11.8% और DIIs की 9.7% हो गई। लेकिन, कंपनी के घाटे बढ़ रहे हैं और एसेट क्वालिटी पर सवाल उठ रहे हैं।
- Swiggy: फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी Swiggy में भी FIIs की हिस्सेदारी 16.1% और DIIs की 22.5% बढ़ी है। हालांकि, कंपनी का नेट लॉस बढ़ा है, फिर भी निवेशक इसकी ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा कर रहे हैं।
- Ratnaveer Precision Engineering: स्टेनलेस स्टील वाशर बनाने वाली इस कंपनी में FIIs की हिस्सेदारी बढ़कर 8.4% और DIIs की 2.6% हो गई। कंपनी ने सेल्स में 5.8% की बढ़ोतरी दर्ज की और नेट प्रॉफिट 49% बढ़कर ₹17 करोड़ हो गया, लेकिन Q3 FY26 में PAT में 31.1% की गिरावट आई।
Utkarsh Small Finance Bank: उम्मीदें और चिंताएं
Utkarsh Small Finance Bank में FIIs की हिस्सेदारी 11.8% और DIIs की 9.7% हुई। कुछ एनालिस्ट इसे 'Strong Buy' रेटिंग दे रहे हैं और ₹20-₹26 का टारगेट दे रहे हैं। लेकिन, MarketsMojo इसे 'Strong Sell' कह रहा है, क्योंकि कंपनी लगातार घाटे में है (Q3 FY26 में ₹348.46 करोड़ का नेट लॉस) और इसके ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) बढ़कर 12.42% हो गए हैं।
Ratnaveer Precision Engineering: मिले-जुले संकेत
Ratnaveer Precision Engineering में FIIs ने अपनी हिस्सेदारी 7% बढ़ाकर 8.4% और DIIs ने 2.5% बढ़ाकर 2.6% कर ली। कंपनी की सेल्स Q3 FY26 में 5.8% बढ़कर ₹269 करोड़ रही, लेकिन नेट प्रॉफिट 49% बढ़कर ₹17 करोड़ हुआ। वहीं, एक रिपोर्ट के अनुसार Q3 FY26 में प्रॉफिट 31.1% घटकर ₹86.55 करोड़ हो गया। एनालिस्ट्स का टारगेट ₹214.2 के आसपास है।
Mphasis: AI की लहर पर सवार
Mphasis में DIIs की हिस्सेदारी 45.3% और FIIs की 19.8% है। कंपनी का AI प्लेटफॉर्म 'NeoIP™' और AI से जीते गए कॉन्ट्रैक्ट्स (₹3,850 करोड़ TCV में 69%) इसके ग्रोथ के बड़े कारण हैं। Mphasis की रेवेन्यू ग्रोथ 12.4% YoY बढ़कर ₹4,003 करोड़ और नेट प्रॉफिट 9% बढ़कर ₹442 करोड़ रहा। एनालिस्ट्स इसे 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और टारगेट ₹3,196 से ₹3,260 के बीच है।
Swiggy: घाटे में ग्रोथ की कहानी
Swiggy में FIIs की हिस्सेदारी 16.1% और DIIs की 22.5% बढ़ी है। कंपनी के रेवेन्यू में 54% की भारी बढ़ोतरी होकर ₹6,148 करोड़ हो गया, लेकिन नेट लॉस बढ़कर ₹1,065 करोड़ (पिछले साल ₹799 करोड़) हो गया। क्विक कॉमर्स GOV में 103.2% की उछाल आई। इसके बावजूद, एनालिस्ट्स इसे 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं और टारगेट ₹445.88 का है।
RBL Bank: कैपिटल इंफ्यूजन से बढ़ा भरोसा
RBL Bank में FIIs की हिस्सेदारी 21.9% और DIIs की 39.7% हुई। यह Emirates NBD द्वारा 60% हिस्सेदारी ₹27,000 करोड़ में खरीदने की डील के कारण है। बैंक का रेवेन्यू 3.9% बढ़ा और प्रॉफिट 555% उछलकर ₹214 करोड़ रहा। ग्रॉस NPA घटकर 1.88% पर आ गया। एनालिस्ट्स का औसत टारगेट ₹373-₹382 के बीच है।
आगे क्या? रिस्क और संभावनाएं
इन स्टॉक्स में इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स का भरोसा लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की सोच दिखाता है। Utkarsh Small Finance Bank की एसेट क्वालिटी और लगातार घाटा एक बड़ा कंसर्न है। Ratnaveer Precision Engineering का पिछले साल स्टॉक का प्रदर्शन फीका रहा है। Swiggy का प्रॉफिट में आना अभी बाकी है। IT सेक्टर पर AI का असर पड़ सकता है। RBL Bank की डील को रेगुलेटरी मंजूरी मिलना बाकी है। आने वाले समय में देखना होगा कि ये कंपनियां निवेशकों का भरोसा कितना सही साबित कर पाती हैं।