शेयर बाज़ार में बड़ा उलटफेर: विदेशी पैसा भागा, डोमेस्टिक निवेशक बने लीडर! Motilal Oswal की टॉप 'Buy' लिस्ट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
शेयर बाज़ार में बड़ा उलटफेर: विदेशी पैसा भागा, डोमेस्टिक निवेशक बने लीडर! Motilal Oswal की टॉप 'Buy' लिस्ट
Overview

ग्लोबल टेंशन के चलते विदेशी निवेशकों (FIIs) के भारतीय शेयर बाज़ार से पैसा निकालने के बीच, डोमेस्टिक निवेशकों (DIIs) ने बाजी मार ली है। पहली बार, DIIs का निवेश FIIs से आगे निकल गया है, जो बाज़ार के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट है। डोमेस्टिक निवेशकों ने Q1 2026 में **₹2.72 लाख करोड़** का निवेश किया, जबकि विदेशी निवेशकों ने **₹1.58 लाख करोड़** की निकासी की।

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डोमेस्टिक निवेशकों का दबदबा क्यों बढ़ा?

यह बदलाव Nifty-500 कंपनियों में साफ दिख रहा है, जहाँ मार्च 2026 तक DII की हिस्सेदारी रिकॉर्ड 20.9% पर पहुँच गई, वहीं FII की हिस्सेदारी घटकर 17.1% के बहु-वर्षीय निचले स्तर पर आ गई। इससे Nifty-500 में FII-DII हिस्सेदारी का अनुपात 0.8 हो गया है, जिसका मतलब है कि अब डोमेस्टिक कैपिटल ही बाज़ार को आगे बढ़ा रहा है।

DIIs ने साल-दर-साल 24 में से 21 सेक्टर्स में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है। प्राइवेट बैंक्स, टेक्नोलॉजी, टेलीकॉम, रियल एस्टेट और हेल्थकेयर में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखी गई। वहीं, FIIs ने 17 सेक्टर्स में अपनी होल्डिंग कम की है।

Motilal Oswal की इन स्टॉक्स पर 'Buy' कॉल

इस बदलते बाज़ार परिदृश्य में, Motilal Oswal ने कुछ चुनिंदा कंपनियों में निवेश की सलाह दी है, जो डोमेस्टिक कैपिटल फ्लो और मजबूत फंडामेंटल्स का फायदा उठा सकती हैं।

1. Cholamandalam Investment and Finance:

ब्रोकरेज ने इस नॉन-बैंकिंग फाइनेंसियल कंपनी (NBFC) पर 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,900 रखा है, जो 16% की बढ़त का संकेत देता है। Q4 फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) ₹1,640 करोड़ रहा, जो ईयर-ऑन-ईयर 30% बढ़ा है। एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 21% बढ़कर ₹2,24,000 करोड़ हो गया है। कंपनी का P/E रेश्यो करीब 25-26 गुना है।

2. Ambuja Cements:

हालांकि, Q4 फाइनेंशियल ईयर 2026 में इनपुट कॉस्ट (ईंधन, फ्रेट और पैकिंग) बढ़ने से EBITDA 22% घटकर ₹1,460 करोड़ रहा, Motilal Oswal ने 'Buy' रेटिंग के साथ ₹530 का टारगेट प्राइस दिया है। कंपनी 2028 तक 155 MTPA की क्षमता विस्तार का लक्ष्य रखती है। ब्रोकरेज इनपुट लागत को एक छोटी अवधि की समस्या मान रहा है।

3. Aditya Birla Capital:

Motilal Oswal ने इस डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल कंपनी के लिए ₹430 का टारगेट प्राइस सेट किया है, जो 24% की अपसाइड दिखा रहा है। Q4 फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का PAT 30% बढ़ा है। कंपनी का लक्ष्य FY26-FY28 के बीच PAT में करीब 30% CAGR ग्रोथ हासिल करना है, और FY28 तक ROE लगभग 16% पहुँचने की उम्मीद है।

4. APL Apollo Tubes:

FY28 के अनुमानित नतीजों के 35 गुना P/E पर ट्रेड कर रहे इस स्ट्रक्चरल स्टील ट्यूब्स के मार्केट लीडर के लिए ₹2,250 का टारगेट प्राइस दिया गया है, जो 20% की संभावित बढ़त का संकेत है। Q4 फाइनेंशियल ईयर 2026 में कंपनी का EBITDA 24% बढ़ा है। कंपनी 2030 तक 10 मिलियन टन की क्षमता का लक्ष्य रखती है।

संभावित जोखिम

सीमेंट सेक्टर में बढ़ती ईंधन और पैकिंग लागत, फाइनेंशियल कंपनियों में क्रेडिट क्वालिटी का गिरना, और APL Apollo Tubes जैसे स्टॉक्स में ग्लोबल अनिश्चितता के कारण वॉल्यूम ग्रोथ का अनुमान कम होना कुछ प्रमुख जोखिम हैं जिन पर निवेशकों को नज़र रखनी चाहिए।

आउटलुक

DIIs के नेतृत्व में भारतीय इक्विटी को एक मजबूत आधार मिला है। Motilal Oswal का मानना है कि यह डोमेस्टिक कैपिटल सपोर्ट, कंपनी की स्ट्रेंथ और ग्रोथ प्लान के साथ मिलकर इन स्टॉक्स को लगातार ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में रखता है।

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Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.