Dharti Proteins Share Price: निवेशकों के होश उड़े! 95% घटे शेयर, NCLT का बड़ा फैसला

STOCK-INVESTMENT-IDEAS
Whalesbook Logo
AuthorNeha Patil|Published at:
Dharti Proteins Share Price: निवेशकों के होश उड़े! 95% घटे शेयर, NCLT का बड़ा फैसला
Overview

Dharti Proteins Limited अपने शेयर कैपिटल में करीब **95%** की भारी कटौती करने जा रही है। कंपनी के **1.02 करोड़** शेयर घटकर सिर्फ **5 लाख** रह जाएंगे। NCLT से मिली मंजूरी के बाद, **13 फरवरी 2026** को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। इस बड़े फेरबदल से पब्लिक शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी बहुत कम हो जाएगी, जबकि एक सफल रेज़ोल्यूशन एप्लीकेंट कंपनी की बड़ी स्टेक लेगा।

📉 शेयर कैपिटल में बड़ी कटौती का राज़

Dharti Proteins Limited (पहले Devika Proteins Limited) अपनी शेयर कैपिटल का एक बड़ा फेरबदल करने जा रही है। कंपनी ने अपने मौजूदा ₹10 वाले 1,02,77,200 शेयर को घटाकर महज़ ₹10 वाले 5,00,000 शेयर करने का फैसला किया है। यह कुल शेयर संख्या में लगभग 95% की भारी कटौती है।

इस कैपिटल रिडक्शन के लिए शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। यह कदम 18 नवंबर 2025 को NCLT (नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल) द्वारा मंजूर किए गए एक रेज़ोल्यूशन प्लान के तहत उठाया जा रहा है।

कौन पाएगा कितने शेयर?

इस पुनर्गठित शेयर आधार पर, अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स को इस तरह शेयर मिलेंगे:

  • पब्लिक शेयरहोल्डर्स: जिनके पास अभी 1,00,98,748 शेयर हैं, उन्हें नए 5,00,000 शेयर बेस में से सिर्फ ₹10 वाले 25,000 शेयर मिलेंगे। यह उनके पुराने होल्डिंग्स के अनुपात में होगा।
  • फाइनेंशियल क्रेडिटर (Goenka Business & Finance Limited): इन्हें प्लान के तहत अपफ्रंट कैश के अलावा 50,000 शेयर मिलने की उम्मीद है।
  • सफल रेज़ोल्यूशन एप्लीकेंट: कंपनी के बड़े हिस्से यानी 4,25,000 शेयर इन्हें अलॉट किए जाएंगे।

यह सिर्फ नंबर्स का खेल नहीं

यह फैसला कंपनी के प्रॉफिट (Profit) या परफॉर्मेंस से जुड़ा नहीं है, बल्कि यह NCLT रेज़ोल्यूशन प्लान के तहत कंपनी की कैपिटल स्ट्रक्चर का एक बड़ा रीऑर्गनाइजेशन (Reorganization) है। 'सफल रेज़ोल्यूशन एप्लीकेंट' का बड़ी स्टेक लेना यह दर्शाता है कि कंपनी वित्तीय संकट से उबरने की कोशिश कर रही है।

निवेशकों के लिए क्या मायने?

हालांकि मैनेजमेंट कॉल का कोई ट्रांसक्रिप्ट उपलब्ध नहीं है, लेकिन मौजूदा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए इस ऐलान के गंभीर मायने हैं। शेयर संख्या में इतनी बड़ी कटौती का सीधा मतलब है कि आपकी हिस्सेदारी (Ownership) काफी कम हो जाएगी। मैनेजमेंट से यह सवाल ज़रूर पूछा जाएगा कि इस खास एलोकेशन रेशियो के पीछे क्या लॉजिक है, नए एप्लीकेंट के तहत कंपनी की फ्यूचर ऑपरेशनल प्लानिंग क्या होगी, और उन पब्लिक शेयरहोल्डर्स का क्या होगा जिनकी हिस्सेदारी बहुत कम हो रही है। फ्रैक्शनल शेयर्स के लिए कोई कैश कंसीडरेशन न मिलना भी प्रभावित शेयरधारकों के लिए ध्यान देने वाली बात है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.