Dabur, ONGC और Airtel में दिख रहा है तकनीकी दम, जानें एक्सपर्ट्स की क्या है राय

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Dabur, ONGC और Airtel में दिख रहा है तकनीकी दम, जानें एक्सपर्ट्स की क्या है राय

बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच एनालिस्ट्स ने Dabur India, ONGC और Bharti Airtel जैसे स्टॉक्स पर तकनीकी नजरिया पेश किया है। ये शेयर चार्ट्स पर रिकवरी के संकेत दे रहे हैं, लेकिन ट्रेडर्स को ग्लोबल इकोनॉमिक संकेतों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

भारतीय बाजार में हालिया गिरावट के बाद, तकनीकी एनालिस्ट्स ने उन चुनिंदा शेयरों की पहचान की है जो रिकवरी के लिए तैयार दिख रहे हैं। Dabur India, ONGC और Bharti Airtel जैसे दिग्गज नाम इन रिपोर्ट्स में चर्चा में हैं, हालांकि ये विश्लेषण मुख्य रूप से शॉर्ट-टर्म चार्ट पैटर्न्स पर आधारित हैं।

चार्ट्स पर स्टॉक्स का गणित

एनालिस्ट्स के मुताबिक, Dabur India का शेयर फिलहाल ₹384.90 के आसपास ट्रेड कर रहा है। चार्ट्स पर यह ₹410 के स्तर तक जा सकता है, बशर्ते यह अपने सपोर्ट ज़ोन को बनाए रखे। हाल ही में दिल्ली हाई कोर्ट से FSSAI लेबलिंग विवाद में मिली राहत ने भी सेंटीमेंट को थोड़ा सुधारा है।

ऊर्जा क्षेत्र की कंपनी ONGC का शेयर ₹234.76 के पास है। तकनीकी जानकारों के अनुसार, यह शेयर एक्युमुलेशन फेज में है और इसका संभावित टारगेट ₹252 हो सकता है। निवेशकों की निगाहें 16 नवंबर, 2026 को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं।

Bharti Airtel अपनी मजबूत मोमेंटम के चलते निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। यह शेयर ₹1,815 से ₹1,830 की रेंज में ट्रेड कर रहा है और ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में लॉन्ग-टर्म टारगेट ₹2,530 तक बताए गए हैं। कंपनी के AI, डेटा सेंटर और नेटवर्क अपग्रेड पर होने वाले भारी खर्च पर बाजार की नजर है। याद रखें, Airtel के रिजल्ट्स 5 नवंबर, 2026 को आने की उम्मीद है।

बाजार का रिस्क और सतर्कता

ये सुझाव पूरी तरह तकनीकी सेटअप पर आधारित हैं, जो बाजार के रुख के साथ जल्दी बदल सकते हैं। फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) की आगामी पॉलिसी के चलते मार्केट में वोलैटिलिटी बनी हुई है। FMCG सेक्टर में कड़ी प्रतिस्पर्धा, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में हलचल और टेलीकॉम सेक्टर का भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर ऐसे रिस्क हैं जिन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

निवेशकों के लिए सलाह

अगर आप इन स्टॉक्स को ट्रैक कर रहे हैं, तो केवल टेक्निकल इंडिकेटर्स पर निर्भर न रहें। आने वाले तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की गाइडेंस पर ध्यान देना जरूरी है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स के लिए स्टॉप-लॉस का पालन करना अनिवार्य है, जबकि लॉन्ग-टर्म निवेशकों को कंपनी के फंडामेंटल्स और कर्ज (Debt) के स्तर को प्राथमिकता देनी चाहिए।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.