साल-दर-साल आधार पर Nifty IT इंडेक्स में **₹6.37 लाख करोड़** का नुकसान हुआ है, लेकिन इस गिरावट के बीच Coforge और Oracle Financial Services Software (OFSS) ने अपने दमदार बिजनेस मॉडल के दम पर बाजार की चिंताओं को धता बता दिया है।
आईटी सेक्टर इस साल मुश्किल दौर से गुजर रहा है। Nifty IT इंडेक्स में करीब 17% की गिरावट आई है, जिससे निवेशकों की ₹6.37 लाख करोड़ की वेल्थ स्वाहा हो गई है। TCS, Infosys और Wipro जैसे दिग्गजों पर ग्लोबल डिमांड कम होने का भारी असर दिखा है, जिनके वैल्यूएशन 26% से 30% तक गिर गए हैं। इस निराशा के माहौल में Coforge और OFSS का प्रदर्शन निवेशकों को उम्मीद की किरण दिखा रहा है।
OFSS: प्रोडक्ट-लेड मॉडल का कमाल
Oracle Financial Services Software (OFSS) ने पारंपरिक सर्विस मॉडल से हटकर प्रोडक्ट-लेड रेवेन्यू पर जोर दिया है। कंपनी का कोर बैंकिंग सॉफ्टवेयर बिजनेस इसे लगातार फीस दिला रहा है, जो सेक्टर की सुस्ती में ढाल का काम कर रहा है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 120.6% उछलकर ₹1,416 करोड़ पर पहुंच गया, जबकि रेवेन्यू 68.7% बढ़कर ₹3,125 करोड़ रहा।
Coforge: आक्रामक विस्तार की रणनीति
Coforge ने इनऑर्गेनिक ग्रोथ (Acquisitions) के रास्ते को चुना है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष की शुरुआत $2.23 बिलियन के मजबूत ऑर्डर बुक के साथ की। SLK Global, Cigniti और Encora जैसी कंपनियों के अधिग्रहण ने Coforge को क्लाउड, डेटा और AI इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में मजबूती दी है, जिससे आईटी बजट में कटौती के बावजूद कंपनी डिमांड कैप्चर कर पा रही है।
आगे क्या है रिस्क?
दोनों ही शेयरों में आई तेजी से उनके वैल्यूएशन अब काफी ऊंचे (stretched) हो गए हैं। Coforge के लिए चुनौती अधिग्रहणों से सिनर्जी हासिल करने और बड़े ऑर्डर बुक को मुनाफे में बदलने की है, जबकि OFSS को अपने बैंकिंग फ्रैंचाइजी से कमाई जारी रखनी होगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि सेक्टर में अभी भी अस्थिरता है, इसलिए निवेशकों को अब इन कंपनियों की 'परफेक्ट एग्जीक्यूशन' पर पैनी नजर रखनी होगी।
