Client Associates ने भारतीय बाजार को लेकर अपना रुख बदल दिया है। फर्म ने मिड-कैप (Mid-Cap) शेयरों को 'ओवरवेट' (Overweight) रेटिंग दी है, जबकि स्मॉल-कैप (Small-Cap) को न्यूट्रल (Neutral) कर दिया है। फर्म का मानना है कि FY27 तक Nifty EPS ग्रोथ **14.1%** रह सकती है, जिसका मुख्य कारण घरेलू खपत (Domestic Consumption) और इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) सेक्टर में मजबूती है।
बाजार का नया फोकस: मिड-कैप पर दांव
Client Associates के को-फाउंडर रोहित सारिन ने कहा है कि वे अब खास घरेलू ग्रोथ थीम्स पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। मिड-कैप शेयरों को 'ओवरवेट' रेटिंग देने का मतलब है कि फर्म इन शेयरों में निवेश बढ़ाने की सलाह दे रही है। वहीं, लार्ज-कैप (Large-Cap) शेयर अपनी ऐतिहासिक वैल्यूएशन (Valuation) के मुकाबले डिस्काउंट पर मिल रहे हैं, जो लंबी अवधि के निवेशकों के लिए एक अच्छा मौका हो सकता है।
कमाई का अनुमान और जोखिम
आने वाले समय में कंपनियों की कमाई (Earnings) में सुधार की उम्मीद है। अनुमान है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) तक Nifty का EPS ग्रोथ 14.1% तक पहुंच जाएगा। यह पिछले दो फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले एक बड़ी रिकवरी होगी। हालांकि, यह ग्रोथ ग्लोबल फैक्टर पर भी निर्भर करेगी। कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और जियोपॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tension) बड़े जोखिम हैं जो कंपनियों के मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं।
सेक्टर पर खास नजर और RBI की पॉलिसी
बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज (Financial Services) और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टर्स घरेलू निवेश से फायदा उठा सकते हैं। रियल एस्टेट (Real Estate) सेक्टर पर भी नजर रखी जा रही है, क्योंकि अगर फाइनेंसिंग कॉस्ट (Financing Cost) कम होती है तो डिमांड बढ़ सकती है। दूसरी ओर, आईटी (IT) सेक्टर पर ग्लोबल इकोनॉमिक ग्रोथ (Global Economic Growth) की चिंताओं के कारण दबाव बना हुआ है।
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) अपनी अगस्त की मीटिंग में शायद अपनी मॉनेटरी पॉलिसी (Monetary Policy) में कोई बड़ा बदलाव न करे। RBI महंगाई को कंट्रोल करने पर फोकस कर रही है, जो FY27 के लिए 5.1% तक पहुंच सकती है, जबकि GDP ग्रोथ 6.6% रहने का अनुमान है। इसलिए, निवेशक आगामी महंगाई के आंकड़ों और ग्लोबल एनर्जी प्राइस (Global Energy Price) पर नजर रखें, क्योंकि ये लागत और मुनाफे को सीधे प्रभावित करेंगे।
