बजट के झटके के बीच, ब्रोकरेज का इन 2 शेयरों पर दांव! ICICI Bank और APL Apollo क्यों बनेंगे 2026 के स्टार?

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
बजट के झटके के बीच, ब्रोकरेज का इन 2 शेयरों पर दांव! ICICI Bank और APL Apollo क्यों बनेंगे 2026 के स्टार?
Overview

यूनियन बजट 2026 पेश होने के बाद शेयर बाजार में काफी उठापटक देखने को मिली, लेकिन इन सबके बीच ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal ने 2 शेयरों पर बड़ा दांव लगाया है। कंपनी ने ICICI Bank और APL Apollo Tubes को 2 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले हफ़्ते के लिए अपना टॉप पिक चुना है।

बजट की उथल-पुथल और ब्रोकरेज की पसंद

1 फरवरी 2026 को यूनियन बजट पेश होने के बाद भारतीय शेयर बाजार में जबरदस्त हलचल मची। खासकर, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी जैसे प्रस्तावों के चलते बेंचमार्क इंडेक्स धराशायी हो गए। ऐसे में, बाजार की इस अस्थिरता और सेक्टर-विशिष्ट रुझानों के बीच, ब्रोकरेज फर्म Motilal Oswal Financial Services ने ICICI Bank और APL Apollo Tubes में अपना भरोसा जताया है। फर्म ने इन दोनों कंपनियों को 2 फरवरी 2026 से शुरू होने वाले हफ़्ते के लिए अपना पसंदीदा स्टॉक बताया है। यह चुनाव वित्तीय क्षेत्र की स्थिरता और औद्योगिक विकास की कहानियों पर दांव लगाने वाले निवेशकों के फोकस में एक अलग तस्वीर पेश करता है।

ब्रोकरेज का टारगेट और शेयर की चाल

Motilal Oswal ने ICICI Bank के लिए ₹1750 का टारगेट प्राइस दिया है, जो इसके मौजूदा ₹1334 के ट्रेडिंग प्राइस से 31% की बढ़ोतरी का संकेत देता है। वहीं, APL Apollo Tubes के लिए टारगेट ₹2350 है, जो इसके वर्तमान ₹2047 के भाव से 15% ज्यादा है। बजट वाले दिन, 1 फरवरी को, ICICI Bank में मामूली 0.27% की तेजी देखी गई, जबकि बाकी बाजार में बड़ी गिरावट आई। इस दौरान, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने मार्केट कैप के मामले में ICICI Bank को पीछे छोड़ दिया, जो बैंकिंग सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है। दूसरी ओर, APL Apollo Tubes हाल ही में अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा था और इसमें मजबूत मोमेंटम दिख रहा था, यह 28 जनवरी 2026 को अपने 52-हफ़्ते के हाई ₹2,087 के करीब बंद हुआ था।

ICICI Bank: मजबूती और मुनाफे की उम्मीद

ICICI Bank का आकर्षण इसके स्थापित रिटेल और कॉर्पोरेट बैंकिंग बिजनेस और अनुशासित जोखिम प्रबंधन (risk management) पर आधारित है। Motilal Oswal को बैंक से लगातार मजबूत लोन ग्रोथ और बेहतरीन प्रॉफिटेबिलिटी की उम्मीद है। FY26E के लिए Return on Assets (RoA) लगभग 2.2% रहने का अनुमान है, जो FY27-28E तक बढ़कर 2.3% हो सकता है। 3QFY26 में ₹113.2 अरब के नेट प्रॉफिट में ₹12.8 अरब के एकमुश्त एग्री-प्रोविजन (provisions) के कारण 4% की साल-दर-साल गिरावट आई, लेकिन कोर परफॉर्मेंस स्थिर रही। विश्लेषकों का अनुमान है कि FY27E में RoA 2.3% और RoE 16.1% रहेगा। जनवरी 2026 तक बैंक का मार्केट कैप लगभग ₹9.69 लाख करोड़ ($106.46 बिलियन) था, और इसका प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) रेश्यो करीब 18.17-18.30 के आसपास था। उम्मीद है कि 2026 में भारतीय बैंकिंग सेक्टर में लोन ग्रोथ करीब 12% रहेगी, हालांकि प्रॉफिटेबिलिटी थोड़ी कम हो सकती है।

APL Apollo Tubes: मार्केट लीडरशिप और विस्तार की रणनीति

APL Apollo Tubes के निवेश की मुख्य वजह इसकी मार्केट लीडरशिप, स्केलेबल मैन्युफैक्चरिंग और खास डुअल-ब्रांड अप्रोच है। कंपनी का स्ट्रक्चरल स्टील ट्यूब मार्केट में 55% की हिस्सेदारी है। 3QFY26 में, वॉल्यूम में 11% की बढ़ोतरी हुई और EBITDA प्रति मीट्रिक टन 23% बढ़कर ₹5,145 हो गया। इससे EBITDA साल-दर-साल 37% बढ़ा। अधिकतर विश्लेषक (18 में से 15) इस स्टॉक को 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, और इनके कंसेंसस टारगेट प्राइस ₹2,043 से ₹2,175 तक हैं। कंपनी की महत्वाकांक्षी विस्तार योजनाएं, जिनका लक्ष्य FY28 तक 8 मिलियन टन और FY30 तक 10 मिलियन टन क्षमता हासिल करना है, ग्रोथ का एक बड़ा जरिया हैं। 2026 के लिए भारतीय निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में 8-10% की ग्रोथ का अनुमान है। हालांकि, 49.79 के आसपास का इसका P/E रेश्यो पीयर कंपनियों जैसे Surya Roshni (~16) और Ratnamani Metals & Tubes (~23) की तुलना में काफी अधिक है। इसके बावजूद, कंपनी की सालाना रेवेन्यू ग्रोथ 22.70% और ऑपरेटिंग प्रॉफिट ग्रोथ 24.59% रही है।

आगे की राह: निरंतरता और विकास की योजनाएं

ICICI Bank से उम्मीद है कि वह अपने विविध वित्तीय सेवाओं और विवेकपूर्ण जोखिम प्रबंधन के दम पर विभिन्न वित्तीय चक्रों में अपनी लाभप्रदता बनाए रखेगा। बैंक की आगामी रेगुलेटरी बदलावों के लिए तैयारी और स्थिर एसेट क्वालिटी से मदद मिलेगी। वहीं, APL Apollo Tubes के मैनेजमेंट का मानना है कि वे वॉल्यूम ग्रोथ और प्रति टन मुनाफे में बढ़ोतरी जारी रखेंगे। कंपनी की विस्तार योजनाएं आंतरिक आय से आसानी से फंड की जा सकती हैं। महत्वाकांक्षी क्षमता विस्तार और वैल्यू-एडेड उत्पादों पर बढ़ता ध्यान मध्यम अवधि की ग्रोथ को बढ़ावा देगा, जिसका लक्ष्य Q4FY26 के लिए 20% वॉल्यूम ग्रोथ है। अनुकूल मैक्रोइकॉनॉमिक माहौल, खासकर सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च, मांग के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।

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