सोमवार, 19 फरवरी 2026 को भारतीय शेयर बाजारों में भू-राजनीतिक तनावों और मुनाफावसूली (Profit Booking) का असर साफ दिखा। प्रमुख सूचकांकों (Indices) में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को करीब ₹4 लाख करोड़ का नुकसान हुआ। Nifty 50 1.41% लुढ़ककर 25,454.35 पर आ गया, जबकि Sensex 1.48% गिरकर 82,498.14 पर बंद हुआ। इस व्यापक बिकवाली के बावजूद, चुनिंदा शेयरों ने प्राइस-वॉल्यूम ब्रेकआउट (Price-Volume Breakout) के साथ अपनी मजबूती दिखाई, जो बाजार की समग्र कमजोरी के विपरीत एक सकारात्मक संकेत था।
Newgen Software Technologies लिमिटेड के शेयरों में 13.19% की जोरदार उछाल देखी गई और यह ₹601.65 पर बंद हुआ। इस दौरान लगभग 6.13 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ। यह प्रदर्शन शेयर को उसके 52-सप्ताह के निचले स्तर से 31.18% ऊपर ले गया। वहीं, Tata Investment Corporation लिमिटेड के शेयर 6.02% बढ़कर ₹682.80 पर पहुंच गए, जिनके लिए करीब 2.32 करोड़ शेयर ट्रेड हुए। Oil India लिमिटेड भी पीछे नहीं रहा और 5.19% की बढ़त के साथ ₹477 पर बंद हुआ, जिसमें लगभग 1.96 करोड़ शेयरों का वॉल्यूम दर्ज किया गया। Oil India अपने 52-सप्ताह के निम्नतम स्तर से 46.77% ऊपर चढ़ चुका है।
इन ब्रेकआउट स्टॉक्स में valuation में काफी अंतर देखा गया। IT सेक्टर की Newgen Software का P/E अनुपात लगभग 24.96x है, जो सेक्टर के अन्य बड़े नामों के मुकाबले या तो बराबर है या थोड़ा ज्यादा। वहीं, वित्तीय सेवा (Financial Services) क्षेत्र की Tata Investment Corporation का P/E अनुपात 107.9x से अधिक है, जो इसकी कमाई के मुकाबले काफी महंगा है। Oil & Gas सेक्टर की Oil India का P/E अनुपात लगभग 13.3x है, जो इसके साथी ONGC (7.54x) से ज्यादा है।
विश्लेषकों (Analysts) ने Newgen Software के लिए 'Buy' रेटिंग और ₹834.29 का टारगेट प्राइस सुझाया है, जो 73% से अधिक की संभावित बढ़त का संकेत देता है। Oil India के लिए औसत टारगेट प्राइस ₹507.45 है, जो लगभग 11.91% के उछाल की उम्मीद दिखाता है।
हालांकि, इन शेयरों के लिए जोखिम (Risk) भी बने हुए हैं। Tata Investment Corporation का अत्यधिक महंगाvaluation चिंता का विषय है। Oil India के लिए, पिछली तिमाही में नेट प्रॉफिट में 10.74% की गिरावट और कच्चे तेल की कीमतों में भू-राजनीतिक तनावों के कारण उतार-चढ़ाव का खतरा बना हुआ है।