Bajaj Broking ने GRSE और NBCC में देखी तेजी की संभावना
Bajaj Broking ने गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) और NBCC को अपने पसंदीदा स्टॉक्स की लिस्ट में शामिल किया है। ब्रोकरेज फर्म को उम्मीद है कि इन दोनों शेयरों से 9% का शानदार रिटर्न मिल सकता है। GRSE के लिए ₹2918 का टारगेट प्राइस अगले छह महीनों में रखा गया है, वहीं NBCC का टारगेट एक महीने में ₹101 है। ये सिलेक्टशन मुख्य रूप से टेक्निकल इंडिकेटर्स और आकर्षक रिस्क-रिवॉर्ड रेश्यो को देखते हुए किए गए हैं।
GRSE: टेक्निकल सपोर्ट दे रहा मजबूती
Bajaj Broking ने GRSE के लिए ₹2918 का प्राइस टारगेट सेट किया है, जो अगले छह महीनों में 9% की बढ़त का संकेत देता है। फिलहाल, स्टॉक ₹2500 से ₹2600 के डिमांड जोन के करीब कंसॉलिडेट हो रहा है। यह लेवल हाल की रैली के 61.8% फाइबोनैकी रिट्रेसमेंट लेवल और 200-दिन एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) जो कि लगभग ₹2560 पर है, के साथ मेल खाता है। साथ ही, पहले टूटा हुआ एक ट्रेंडलाइन भी ₹2550 के करीब सपोर्ट का काम कर सकता है। एनालिस्ट्स का मानना है कि यह प्राइस एक्शन टारगेट की ओर ऊपर की ओर बढ़ने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।
NBCC: शॉर्ट-टर्म में बन रहा मौका
NBCC को ₹91.00-₹93.50 की रेंज में खरीदने की सलाह दी गई है, जिसका टारगेट ₹101 है। इससे एक महीने के अंदर 9% का रिटर्न मिलने की उम्मीद है। स्टॉक फिलहाल अपने 50-दिन EMA और 15 अप्रैल 2026 के बुलिश गैप के करीब ट्रेड कर रहा है। डेली स्टोकेस्टिक इंडिकेटर भी बाय सिग्नल दिखा रहा है, जो आगे की तेजी का समर्थन करता है।
सेक्टर का हाल: शिपबिल्डिंग और कंस्ट्रक्शन
GRSE इंडियन शिपबिल्डिंग सेक्टर में काम करती है। यह सेक्टर महत्वपूर्ण होने के बावजूद ग्लोबल कॉम्पिटिशन का सामना कर रहा है, और 2047 तक बड़ा स्केल हासिल करने का लक्ष्य रखता है। एक सरकारी उपक्रम होने के नाते, GRSE मुख्य रूप से डिफेंस और नेवल वेसल्स पर ध्यान केंद्रित करती है, जिससे सरकारी डिफेंस खर्च में बढ़ोतरी का फायदा मिलने की उम्मीद है। इसका ट्रेलिंग ट्वेल्व मंथ्स (TTM) P/E रेश्यो लगभग 39.54 है, और मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब ₹30,333 करोड़ है। इसके कॉम्पिटिटर्स में मज़गाँव डॉक शिपबिल्डर्स (MDL) और कोचीन शिपयार्ड (CSL) शामिल हैं।
NBCC कंस्ट्रक्शन और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सेक्टर में एक सरकारी कंपनी है, जो पब्लिक सेक्टर प्रोजेक्ट्स पर फोकस करती है। इसका TTM P/E रेश्यो लगभग 38.38 है, और मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹251.34 बिलियन है। NBCC ने Q3 FY26 के लिए साल-दर-साल 38.5% नेट प्रॉफिट में बढ़ोतरी दर्ज की थी। एनालिस्ट्स की राय ज्यादातर पॉजिटिव है, जिसमें औसत 12-महीने के प्राइस टारगेट ₹140.76 के आसपास हैं। इसके पियर्स में कलपतरु प्रोजेक्ट्स इंटरनेशनल और IRB इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स शामिल हैं।
संभावित चुनौतियाँ
हालांकि टेक्निकल इंडिकेटर्स पॉजिटिव हैं, लेकिन इंडियन शिपबिल्डिंग सेक्टर कैपेसिटी और टेक्नोलॉजी के मामले में ग्लोबल प्लेयर्स से पिछड़ा हुआ है। GRSE का ग्रोथ सरकारी डिफेंस कॉन्ट्रैक्ट्स और बजट एलोकेशन से जुड़ा हुआ है। इंडस्ट्री के कुछ बेंचमार्क के अनुसार इसका P/E रेश्यो 39.54 कुछ ज्यादा माना जा सकता है। NBCC के लिए, संभावित जोखिमों में एग्जीक्यूशन की चुनौतियाँ और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए लंबे प्रोजेक्ट टाइमलाइन शामिल हैं। FY26 के लिए इसकी अनुमानित रेवेन्यू ग्रोथ 9.5% है, जो कि भारतीय कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री के अनुमानित 13% बढ़ोतरी से कम है।
