जहां BSE Sensex जैसे बेंचमार्क इंडेक्स संघर्ष कर रहे हैं, वहीं BSE 500 के चुनिंदा मिड-कैप शेयर्स में डबल डिजिट रिटर्न देखने को मिल रहा है। यह तेजी दमदार अर्निंग्स और डिमांड के दम पर है, लेकिन Hitachi Energy और Titan जैसे शेयरों के महंगे वैल्यूएशन ने निवेशकों के लिए चिंताएं भी बढ़ा दी हैं।
भारतीय शेयर बाजार में इन दिनों एक स्पष्ट विभाजन देखने को मिल रहा है। जहां प्रमुख इंडेक्स BSE Sensex पिछले एक साल से दबाव में हैं, वहीं BSE 500 का एक खास ग्रुप विपरीत दिशा में भाग रहा है। यह साबित करता है कि अब बाजार के ओवरऑल ट्रेंड के बजाय सही शेयर का चुनाव करना ज्यादा जरूरी हो गया है।
क्यों आउटपरफॉर्म कर रहे हैं ये शेयर्स?
यह तेजी रैंडम नहीं है, बल्कि उन कंपनियों में केंद्रित है जिन्होंने लगातार अपना प्रॉफिट बढ़ाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) स्पेस में Syrma SGS Technology जैसी कंपनियां लोकल मैन्युफैक्चरिंग के बूते चमक रही हैं। वहीं, पावर इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में Hitachi Energy India को डेटा सेंटर और पावर ट्रांसमिशन के नए ऑर्डर्स का बड़ा फायदा मिल रहा है। फार्मा सेक्टर में Laurus Labs जैसी कंपनियां कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च के जरिए अपने मार्जिन को बेहतर कर रही हैं। मार्केट इन्हीं कंपनियों को रिवॉर्ड दे रहा है जिनके पास सिर्फ ऑर्डर बुक नहीं, बल्कि उसे मुनाफे में बदलने की काबिलियत है।
महंगे वैल्यूएशन का खतरा
इन कंपनियों का बिजनेस मॉडल तो शानदार है, लेकिन 'वैल्यूएशन' निवेशकों के लिए एक बड़ी चुनौती है। भारी खरीदारी के चलते इन शेयरों का P/E रेश्यो आसमान छू रहा है। उदाहरण के लिए, Hitachi Energy India का P/E रेश्यो 100x से ऊपर है और Titan Company लगभग 74x पर ट्रेड कर रहा है। जब शेयर इतने महंगे होते हैं, तो बाजार उनसे परफेक्शन की उम्मीद करता है। अगर आने वाली तिमाहियों में मामूली भी निराशा हाथ लगी, तो इन शेयरों में तेज गिरावट (Correction) देखने को मिल सकती है।
निवेशकों को क्या देखना चाहिए?
अब आसान और ब्रॉड-बेस्ड मुनाफे का दौर धीमा पड़ता दिख रहा है। अब केवल सेंटीमेंट्स के आधार पर निवेश करना पर्याप्त नहीं होगा। निवेशकों को आने वाली तिमाहियों के नतीजों पर नजर रखनी चाहिए, ताकि यह देखा जा सके कि क्या ये कंपनियां अपने महंगे वैल्यूएशन को सस्टेनेबल प्रॉफिट ग्रोथ से सही साबित कर पाती हैं या नहीं।
