Aurobindo Pharma अब अमेरिका में अपना सालाना रेवेन्यू **$2 बिलियन** तक पहुंचाने की तैयारी में है। कंपनी Lannett और A1 Biochem जैसी कंपनियों के अधिग्रहण के जरिए अपने पोर्टफोलियो को मजबूत कर रही है और अब पूरा फोकस कॉम्प्लेक्स जेनेरिक्स और बायोलॉजिक्स पर है।
एक्विजिशन के जरिए विस्तार
कंपनी अपनी US ग्रोथ के लिए ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक दोनों तरीकों पर काम कर रही है। $250 मिलियन में Lannett का अधिग्रहण इस योजना का मुख्य हिस्सा है, जिससे कंपनी को इंडियाना में बड़ी मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी मिली है। वहीं, $15.247 मिलियन में A1 Biochem Labs LLC को खरीदकर कंपनी ने अपनी टेक्निकल क्षमता को और बढ़ा लिया है। मैनेजमेंट का अब पूरा जोर इन नए एसेट्स को सही तरीके से इंटीग्रेट करने पर है।
बायोलॉजिक्स पर बड़ा दांव
लंबे समय के मुनाफे के लिए Aurobindo अब बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स में बड़ा निवेश कर रही है। Merck के साथ पार्टनरशिप के जरिए कंपनी का लक्ष्य 2030 तक 1,20,000 लीटर की बायो-रिएक्टर कैपेसिटी तैयार करना है। उम्मीद है कि FY31 तक यह प्रोजेक्ट सालाना $150-200 मिलियन का योगदान दे सकता है।
फाइनेंशियल सेहत और जोखिम
कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत है और वह नेट कैश पोजीशन में है। FY27 के लिए गाइडेंस बरकरार रखते हुए कंपनी ने डबल-डिजिट रेवेन्यू ग्रोथ और 21% से ज्यादा का EBITDA मार्जिन बनाए रखने का लक्ष्य रखा है। हालांकि, निवेशकों को अमेरिकी बाजार के भारी कॉम्पिटिशन और प्राइसिंग प्रेशर के प्रति सतर्क रहना चाहिए।
इसके अलावा, 1 अक्टूबर 2026 से कंपनी ने अपने ट्रेड विंडो को बंद कर दिया है, क्योंकि जल्द ही Q2 और H1 FY2027 के नतीजे आने वाले हैं। अब सबकी नजरें मैनेजमेंट की कमेंट्री और भविष्य के रोडमैप पर टिकी हैं।
