Apeejay Surrendra Park Hotels ने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **8.1%** बढ़कर **₹166.8 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट **14.2%** गिरकर **₹11.5 करोड़** पर आ गया। बढ़ती फाइनेंस कॉस्ट का असर मुनाफे पर जरूर दिखा है, लेकिन कंपनी का ऑक्यूपेंसी रेट **92%** के मजबूत स्तर पर बना हुआ है।
कंपनी ने चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में मिला-जुला प्रदर्शन किया है। जहाँ टॉप-लाइन ग्रोथ 8.1% के साथ ₹166.8 करोड़ रही, वहीं नेट प्रॉफिट 14.2% फिसलकर ₹11.5 करोड़ रह गया। इसकी मुख्य वजह नई प्रॉपर्टीज के अधिग्रहण के चलते बढ़ा हुआ कर्ज और टैक्स प्रोविजन का बोझ है।
ऑपरेशंस में मजबूती
मुनाफे पर दबाव के बावजूद, कंपनी का ऑक्यूपेशनल परफॉर्मेंस काफी दमदार है। 92% का ऑक्यूपेंसी रेट यह साबित करता है कि प्रॉपर्टीज की डिमांड में कोई कमी नहीं है। आने वाली तिमाहियों में BRICS जैसे बड़े इवेंट्स और समिट्स से कंपनी को बेहतर टैरिफ मिलने की उम्मीद है, जो रेवेन्यू को और सहारा देंगे।
भविष्य की बड़ी योजनाएं
मैनेजमेंट का पूरा जोर एसेट-लाइट मॉडल (Asset-light model) पर है। कंपनी का लक्ष्य 2030 तक अपने पोर्टफोलियो को मौजूदा 2,677 कीज़ (keys) से बढ़ाकर 6,719 कीज़ तक ले जाना है। साथ ही, कंपनी अपने मशहूर बेकरी ब्रांड Flurys को भी तेजी से फैला रही है। फिलहाल 111 आउटलेट्स से बढ़कर 2030 तक 400 आउटलेट्स खोलने का लक्ष्य है।
निवेशकों के लिए नजर रखने वाली बातें
निवेशकों को अब कंपनी के फाइनेंस कॉस्ट को कम करने की क्षमता पर ध्यान देना होगा। साथ ही, नई प्रॉपर्टीज जैसे 'Ran Baas Palace' और 'Lotus Palace' की सफलता और मिडिल ईस्ट में चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव का असर कंपनी के इंटरनेशनल टूरिज्म पर क्या पड़ता है, यह देखना अहम होगा।
