क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों और बाजार की उठा-पटक के बीच, एक्सपर्ट्स ने **13** ऐसे लार्ज और मिड-कैप शेयरों की लिस्ट तैयार की है, जो इस मुश्किल दौर में भी निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार दबाव देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा असर Nifty और Sensex पर पड़ा है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह क्रूड ऑयल के बढ़ते दाम हैं, जो फिलहाल $97.13 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव और बढ़ते बॉन्ड यील्ड्स ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
क्यों बदल रही है निवेशकों की रणनीति?
मौजूदा माहौल में स्पेकुलेशन (Speculation) से बचने की सलाह दी जा रही है। मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि अब 'क्वालिटी' पर ध्यान देने का समय है। हाल ही में किए गए एक विश्लेषण में ऐसे 13 लार्ज और मिड-कैप शेयरों की पहचान की गई है, जिनके क्वांटिटेटिव स्कोर में सुधार हुआ है। इन शेयरों का चुनाव कंसिस्टेंट अर्निंग्स, प्राइस मोमेंटम और बिजनेस फंडामेंटल के आधार पर किया गया है।
किन सेक्टरों में है दम?
ऑटोमोबाइल जैसे कंज्यूमर-फेसिंग सेक्टर में फिलहाल कुछ चुनौतियां हो सकती हैं, लेकिन फाइनेंशियल सर्विसेज, बैंकिंग, इंश्योरेंस और क्लीन एनर्जी सप्लाई चेन में अच्छे संकेत मिल रहे हैं। ये सेक्टर स्ट्रक्चरल बदलावों और सरकारी रिफॉर्म्स के चलते बाजार की अस्थिरता को झेलने में सक्षम हैं।
निवेश में रखें सावधानी
लार्ज-कैप और मिड-कैप सेगमेंट के बीच वैल्यूएशन का अंतर बढ़ रहा है, इसलिए एक ही तरह की स्ट्रैटेजी हर शेयर पर लागू नहीं हो सकती। US Federal Reserve के ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख और बॉन्ड यील्ड्स के दबाव को देखते हुए पोर्टफोलियो में डाइवर्सिफिकेशन बहुत जरूरी है। अब निवेशकों की नजर आने वाले तिमाही नतीजों पर है, जो ये साफ करेंगे कि कंपनियां बढ़ती लागत (Input Costs) के बीच अपने मार्जिन को कैसे मैनेज कर रही हैं।
