AI का असर और वैल्यूएशन पर नजर: IT और NBFC सेक्टर
बाजार में आम तौर पर दिख रही तेजी से परे, सेक्टर-स्पेशल परफॉर्मेंस थोड़ी अलग कहानी बयां कर रही है। एनालिस्ट Deven Choksey ने IT और NBFC शेयरों में पोटेंशियल अपसाइड (Potential Upside) की ओर इशारा किया है, लेकिन Infosys और Bajaj Finance जैसी कंपनियों के लिए खास हर्डल्स (Hurdles) भी बताए हैं।
IT सेक्टर: AI की दोहरी मार
भारत के IT सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद है। NASSCOM का अनुमान है कि FY26 तक यह 6.1% बढ़कर $315 बिलियन का हो जाएगा। वहीं, Gartner को 2026 में IT सर्विसेज ग्रोथ 11.1% रहने की उम्मीद है, जिससे भारत का कुल IT खर्च $176 बिलियन से अधिक हो जाएगा। एंटरप्राइज क्लाइंट्स का AI, क्लाउड मॉडर्नाइजेशन और साइबरसिक्योरिटी में निवेश इन ग्रोथ का मुख्य ड्राइवर है। हालांकि, AI एक बड़ी डिसरप्टिव फोर्स (Disruptive Force) भी बन रहा है। यह सर्विस डिलीवरी मॉडल को बदल रहा है, नए ऑपरेशनल चैलेंज और लागतें खड़ी कर रहा है, खासकर डेटा प्राइवेसी नियमों के चलते। नौकरियों का विस्थापन और बढ़ता कंप्लायंस का बोझ भी चिंता का विषय है।
वैल्यूएशन मेट्रिक्स (Valuation Metrics) में भी काफी अंतर दिख रहा है। Infosys का P/E रेशियो लगभग 17 है, जो इसके 10-साल के मीडियन 22.66 से काफी कम है। यह बताता है कि यह अपने लंबे समय के औसत की तुलना में अंडरवैल्यूड (Undervalued) हो सकता है। वहीं, Persistent Systems का P/E लगभग 43-47 है, जो HCL Technologies (लगभग 21-22) और TCS (22.1) जैसे साथियों से बहुत अधिक है। Nifty IT इंडेक्स हाल ही में जियोपॉलिटिकल टेंशन (Geopolitical Tension) के दौरान 18% गिरा था। कुछ एनालिस्ट्स का मानना है कि AI-ड्रिवन बिकवाली (Selloff) बहुत ज्यादा हो गई, जिससे ग्रोथ स्टॉक्स वैल्यू प्ले (Value Play) की तरह दिखने लगे हैं।
NBFCs: Bajaj Finance की वैल्यूएशन पहेली
Deven Choksey ने Bajaj Finance को हालिया मार्केट करेक्शन (Market Correction) के चलते एक आकर्षक मौका बताया है, जिसका मौजूदा वैल्यूएशन लुभावना है। भले ही इसका P/E रेशियो लगभग 29 है, जो इसके 5-साल के औसत से कम है, यह Muthoot Finance (14.61) और Shriram Finance (18.11) जैसे साथियों से फिर भी ज्यादा है। NBFC सेक्टर को RBI रेट कट्स (Rate Cuts) के बाद अनुकूल मॉनेटरी कंडीशंस (Monetary Conditions) का फायदा मिल रहा है, जिसमें FY26 के लिए एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) ग्रोथ 12-18% रहने का अनुमान है।
लेकिन, यह पॉजिटिव आउटलुक (Outlook) बढ़ते एसेट क्वालिटी रिस्क (Asset Quality Risk) से प्रभावित है, खासकर अनसिक्योर्ड लेंडिंग (Unsecured Lending) में। ऐसे में उधार लेने वाले शायद ओवर-लिवरेज्ड (Over-leveraged) हों और उनके क्रेडिट प्रोफाइल कमजोर पड़ रहे हों। राइट-ऑफ्स (Write-offs) बढ़े हैं, और FY26 में हेडलाइन डेलिंक्वेंसीज (Delinquencies) के और बिगड़ने की उम्मीद है, जिसमें अनसिक्योर्ड सेगमेंट में सबसे ज्यादा जोखिम है। बैंक NBFCs में अपने एक्सपोजर को लेकर सतर्क हो रहे हैं, क्योंकि उन्हें अनसिक्योर्ड और माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो से बैड लोन (NPAs) के फैलने का डर है। बैंकों से फंडिंग भी सीमित रह सकती है क्योंकि संस्थान कंटैजियन रिस्क (Contagion Risk) को कम करने के लिए सीधे लेंडिंग को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसलिए, भले ही Bajaj Finance ऐतिहासिक मेट्रिक्स या ग्रोथ ड्राइवर्स के आधार पर आकर्षक लगे, सेक्टर की ओवरऑल क्रेडिट क्वालिटी की चिंताओं पर बारीकी से नजर रखनी होगी।
बैंक्स और मेटल्स: ब्रॉडर मार्केट एंकर्स
डायवर्सिफाइड मार्केट एक्सपोजर (Diversified Market Exposure) के लिए, Choksey ने लार्ज बैंक्स (Large Banks) और लीडिंग कंपनियों की सिफारिश की है। उनका मानना है कि ये एक पोर्टफोलियो के स्टेबल हिस्से हैं और इनमें धीरे-धीरे गेन (Gain) की संभावना है। ऐतिहासिक रूप से, फाइनेंशियल और मेटल्स जैसे सेक्टर्स मार्केट रिकवरी में आगे रहे हैं और वोलेटाइल (Volatile) समय में स्थिरता प्रदान करते हैं।
एनालिस्ट कंसेंसस और आउटलुक
Infosys के लिए एनालिस्ट सेंटीमेंट (Sentiment) मिला-जुला है, जिसमें 'होल्ड' (Hold) रेटिंग का कंसेंसस है। प्राइस टारगेट्स (Price Targets) 31% से 38% तक की संभावित अपसाइड का संकेत देते हैं। Bajaj Finance के लिए, कंसेंसस ज्यादातर 'बाय' (Buy) है, जिसमें एवरेज 12-महीने के प्राइस टारगेट्स 30% से अधिक अपसाइड का संकेत देते हैं। हालांकि, MOFSL की 'न्यूट्रल' (Neutral) आउटलुक जैसी कुछ रेटिंग्स विशेषज्ञों के विचारों में एक अंतर दिखाती हैं।