बाजार में ग्लोबल उथल-पुथल के बीच, एनालिस्ट राजा वेंकटरमन ने 14 अगस्त की ट्रेडिंग के लिए CONCOR, Clean Science और Poonawalla Fincorp के टेक्निकल सेटअप्स साझा किए हैं। ये स्टॉक्स कुछ खास प्राइस पैटर्न दिखा रहे हैं, लेकिन निवेशकों को शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग के जोखिमों को भी ध्यान में रखना चाहिए।
ग्लोबल टेंशन के बीच कहां लगाएं दांव?
13 अगस्त 2026 को भारतीय बाजार में सीमित दायरे में कारोबार देखने को मिला। सेंसेक्स 78,079.96 और निफ्टी 24,395.85 पर बंद हुए। अमेरिका-ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की वजह से निवेशक सतर्क हैं, जिसका असर ट्रेडिंग वॉल्यूम और मार्केट की दिशा पर दिख रहा है।
ऐसे माहौल में, SEBI रजिस्टर्ड एनालिस्ट राजा वेंकटरमन ने तीन ऐसे स्टॉक्स की पहचान की है जिनमें टेक्निकल इंडिकेटर्स जैसे ब्रेकआउट पैटर्न और वॉल्यूम स्पाइक्स के आधार पर ट्रेडिंग एक्टिविटी देखने को मिल सकती है।
1. कंटेनर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CONCOR)
मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स सेक्टर में काम करने वाली CONCOR पर एनालिस्ट की नजर है। वेंकटरमन ने ₹535 के ऊपर बाइंग ज़ोन सुझाया है, जिसका टारगेट ₹590 और स्टॉप-लॉस ₹503 रखा गया है। निवेशक यह भी ध्यान दें कि CONCOR का बिजनेस ग्लोबल ट्रेड वॉल्यूम से जुड़ा है। RSI जैसे टेक्निकल इंडिकेटर्स 60 से ऊपर मोमेंटम का संकेत दे रहे हैं, लेकिन वैश्विक व्यापार की स्थितियां कंपनी के प्रदर्शन पर असर डाल सकती हैं।
2. क्लीन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (CLEAN)
स्पेशलिटी केमिकल्स कंपनी CLEAN के लिए ₹840 के ऊपर एंट्री, ₹960 का टारगेट और ₹795 का स्टॉप-लॉस सुझाया गया है। हाल के दिनों में, कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण इस सेक्टर की कंपनियों को चुनौतियों का सामना करना पड़ा है। हालांकि, टेक्निकल इंडिकेटर्स एक संभावित टर्नअराउंड की ओर इशारा कर रहे हैं। केमिकल कंपनियां इनपुट कॉस्ट और एक्सपोर्ट डिमांड के प्रति संवेदनशील होती हैं, इसलिए निवेशक मार्जिन की स्थिरता पर नजर रख सकते हैं।
3. पूनावाला फिनकॉर्प
तीसरे स्टॉक के रूप में पूनावाला फिनकॉर्प पर फोकस है। इसके लिए ₹505 के ऊपर बाइंग लेवल, ₹570 का टारगेट और ₹480 का स्टॉप-लॉस बताया गया है। फंडामेंटली, कंपनी ने 2027 के फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में ₹308 करोड़ का मजबूत नेट प्रॉफिट दर्ज किया था। कंपनी जुलाई 2026 में ₹250 करोड़ के NCD इश्यू के साथ कैपिटल रेजिंग में भी सक्रिय रही है। NBFC सेक्टर में निवेशक अक्सर एसेट क्वालिटी और इंटरेस्ट मार्जिन पर नजर रखते हैं।
जरूरी बात: यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि टेक्निकल एनालिसिस सिर्फ प्राइस और वॉल्यूम डेटा का एक स्नैपशॉट है और भविष्य के नतीजों की गारंटी नहीं देता। SEBI के आंकड़े बताते हैं कि ज्यादातर रिटेल ट्रेडर्स को इक्विटी डेरिवेटिव्स में नुकसान होता है। शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग में अचानक मार्केट रिवर्सल या अप्रत्याशित कंपनी समाचारों जैसे उच्च जोखिम शामिल हैं। इसलिए, स्ट्रिक्ट स्टॉप-लॉस बनाए रखना और जोखिम प्रबंधन पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।
