सोमवार को MSCI इंडेक्स रिबैलेंसिंग के चलते Adani Group के शेयरों में आई भारी बिकवाली के बाद मंगलवार को बाजार में सुधार देखने को मिला। एक दिन पहले करीब **₹1.4 लाख करोड़** का मार्केट कैप साफ होने के बाद आज निवेशकों ने फिर से खरीदारी शुरू की है।
सोमवार, 31 अगस्त को बाजार में हुई उथल-पुथल के बाद मंगलवार, 1 सितंबर को Adani Group के शेयरों ने अपनी खोई हुई रफ्तार वापस हासिल की। सोमवार के कारोबारी सत्र के दौरान MSCI इंडेक्स रिबैलेंसिंग के कारण ग्लोबल पैसिव फंड्स ने भारी बिकवाली की थी, जिससे मार्केट वैल्यू में लगभग ₹1.4 लाख करोड़ यानी $15 बिलियन का बड़ा झटका लगा था।
इंडेक्स रिबैलेंसिंग का असर
सोमवार की इस गिरावट के पीछे की मुख्य वजह क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में हुई भारी बिकवाली थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में उस 15 मिनट की विंडो के दौरान ₹39,718 करोड़ का रिकॉर्ड टर्नओवर दर्ज किया गया, जो सामान्य औसत से लगभग 40 गुना अधिक था। हालांकि, मंगलवार को वैल्यू बाइंग के चलते शेयरों में स्थिरता आई और रिकवरी देखी गई।
रिकवरी और मार्केट का हाल
आज के कारोबार में Adani Green Energy सबसे आगे रही और इसमें 4.6% की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा Adani Ports और Adani Power में 3.2% की बढ़ोतरी हुई, जबकि Adani Enterprises का शेयर 2.5% उछला। जानकारों का मानना है कि यह एक तकनीकी सुधार (Technical Correction) था, न कि कंपनी के फंडामेंटल्स में कोई खराबी।
वहीं, MSCI ग्लोबल स्टैंडर्ड इंडेक्स में कुछ नई कंपनियों को जगह मिली है, जिनमें Adani Energy Solutions, Lenskart Solutions, Laurus Labs और Groww की पैरेंट कंपनी Billionbrains Garage Ventures शामिल हैं।
कंपनी की रणनीति और आगे का रास्ता
Adani Group का प्रबंधन फिलहाल अपने नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो को 3.0 गुना से नीचे रखने पर जोर दे रहा है। निवेशकों की निगाहें अब कंपनी की आगामी मीटिंग्स पर हैं। Adani Enterprises 7-8 सितंबर को लंदन में और 9 सितंबर, 2026 को अबू धाबी में इन्वेस्टर कॉन्फ्रेंस आयोजित करने वाली है, जहां कैपिटल स्पेंडिंग और कर्ज कम करने की योजनाओं पर और स्पष्टता मिल सकती है।
