RBI द्वारा रेपो रेट में **25 बेसिस पॉइंट्स** की बढ़ोतरी के बाद Adani Group के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखी गई है। हाल ही में मिली क्रेडिट रेटिंग अपग्रेड के बावजूद, निवेशक बढ़ते ब्याज दर और कंपनी के बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान को लेकर सतर्क हैं।
गुरुवार के कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार में आई गिरावट का असर Adani Group के शेयरों पर भी दिखा। RBI के रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट्स बढ़ाकर 5.50% करने के फैसले ने उन कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है, जिन्हें भारी कैपिटल की जरूरत है।
ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी Adani Enterprises का शेयर मई 2026 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। इसके साथ ही Adani Green Energy और Adani Power पर भी बिकवाली का दबाव बना हुआ है। यह साफ दिखाता है कि बाजार में इस समय मैक्रो-इकोनॉमिक फैक्टर्स का असर कंपनी की अच्छी खबरों पर भारी पड़ रहा है।
रेटिंग अपग्रेड और बैलेंस शीट
हालाँकि, 7 अक्टूबर 2026 को CARE Ratings ने Adani Enterprises की लॉन्ग-टर्म क्रेडिट रेटिंग को 'CARE AA-; Stable' से बढ़ाकर 'CARE AA; Stable' किया था। यह अपग्रेड कंपनी द्वारा ₹15,000 करोड़ के इक्विटी रेज और Adani Airports Holdings Limited में हिस्सेदारी बेचने से आई वित्तीय मजबूती को दर्शाता है।
भविष्य की चुनौतियां
निवेशक अब इस मजबूती को कंपनी के महत्वाकांक्षी ग्रोथ प्लान के साथ तौल रहे हैं। कंपनी ने 2029 तक ₹1.33 ट्रिलियन का भारी-भरकम कैपिटल एक्सपेंडिचर प्लान तैयार किया है। इसके अलावा, महाराष्ट्र में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भी बड़े निवेश की घोषणा हुई है।
बढ़ते ब्याज दर के माहौल में इन बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए कर्ज की लागत बढ़ना निश्चित है। अब कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अपने कर्ज के स्तर को काबू में रखते हुए इन प्रोजेक्ट्स को कैसे पूरा करती है। बाजार के जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि क्या ब्याज दरों के इस बढ़ते असर से कंपनी के कैश फ्लो और मार्जिन पर दबाव बनेगा या नहीं।
