Top Investors का जलवा! जुलाई में मार्केट को पछाड़कर **9%** तक कमाए, जानें कैसे

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Top Investors का जलवा! जुलाई में मार्केट को पछाड़कर **9%** तक कमाए, जानें कैसे

जुलाई के महीने में जाने-माने भारतीय निवेशकों, जैसे आकाश भंसाली और आशीष धवन, के पोर्टफोलियो की वैल्यू **9%** तक बढ़ गई। यह शानदार प्रदर्शन BSE Sensex और Nifty जैसे प्रमुख इंडेक्स के मुकाबले काफी बेहतर रहा, जो इसी दौरान करीब **1%** ही चढ़े। हालांकि, यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि कई पोर्टफोलियो बढ़े, लेकिन कुछ खास शेयरों में उतार-चढ़ाव भी देखा गया।

जुलाई में टॉप निवेशकों का शानदार प्रदर्शन

साल 2026 के जुलाई महीने में कई बड़े भारतीय निवेशकों के पोर्टफोलियो ने जबरदस्त वापसी की है। इन निवेशकों ने बाज़ार के मुख्य सूचकांकों (Benchmark Indices) को पीछे छोड़ते हुए दमदार रिटर्न दिया है। जहाँ BSE Sensex और Nifty 50 ने लगभग 1% की मामूली बढ़त दर्ज की, वहीं आकाश भंसाली, आशीष धवन और मुकुल अग्रवाल जैसे अनुभवी निवेशकों के पोर्टफोलियो में 4% से लेकर 9% तक की ग्रोथ देखी गई। ये आंकड़े अप्रैल-जून 2026 तिमाही के अंत तक 1% या उससे अधिक की सार्वजनिक होल्डिंग्स पर आधारित हैं।

आकाश भंसाली सबसे आगे

इन निवेशकों में आकाश भंसाली सबसे अव्वल रहे। जुलाई में उनके पोर्टफोलियो का मूल्य बढ़कर ₹7,548 करोड़ हो गया, जो पिछली तिमाही के अंत में ₹6,898 करोड़ था। यह 9% की वृद्धि कई अहम होल्डिंग्स में आए सकारात्मक उछाल के कारण हुई। Laurus Labs, One Communications, Gujarat Fluorochemicals, Sudarshan Chemicals, और Ramkrishna Forgings के शेयरों में 11% से 20% तक की ज़बरदस्त बढ़ोतरी देखी गई। इससे यह पता चलता है कि जब मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों पर दांव सही बैठता है, तो पोर्टफोलियो वैल्यू पर कितना बड़ा असर पड़ सकता है।

धवन और अग्रवाल के पोर्टफोलियो में भी तेज़ी

आशीष धवन के पोर्टफोलियो में भी अच्छी खासी बढ़त दर्ज की गई, जो 5% बढ़कर ₹2,741 करोड़ पर पहुंच गया। Mahindra & Mahindra Financial Services, Quess Corp, और IIFL Finance जैसे वित्तीय और व्यावसायिक सेवा क्षेत्र के उनके निवेशों ने इस प्रदर्शन में योगदान दिया, जिनमें से कई शेयरों में हाल की अवधि में 11% से 15% की वृद्धि हुई। इसी तरह, मुकुल महावीर अग्रवाल ने अपने पोर्टफोलियो में 4.6% की बढ़ोतरी के साथ ₹6,925 करोड़ का आंकड़ा पार किया। उनके पोर्टफोलियो में उच्च अस्थिरता (Volatility) देखी गई, जिसमें 15 शेयरों ने 10% से अधिक का लाभ दर्ज किया। Tatva Chintan Pharma Chem, MPS, और Zelio E-Mobility जैसे शेयरों ने 31% से 50% तक की बढ़त के साथ उनके पोर्टफोलियो को मजबूती दी।

बाज़ार के मिले-जुले नतीजे और जोखिम

हालांकि, सभी बड़े निवेशकों के पोर्टफोलियो में ऐसी ही बढ़त देखने को नहीं मिली। आशीष कचोलिया का पोर्टफोलियो जुलाई में 0.41% घटकर ₹2,440 करोड़ पर आ गया। यह गिरावट स्मॉल-कैप और विशेष (Niche) निवेशों से जुड़े जोखिमों को दर्शाती है। उनके कई शेयरों, जैसे Aeroflex, Man Industries, C2C Advanced Systems, और Z-Tech में महीने के दौरान 10% से 31% तक की गिरावट आई। यह अंतर दिखाता है कि अनुभवी निवेशक भी अपने विशेष स्टॉक चयन के आधार पर कभी-कभी पिछड़ सकते हैं।

भविष्य का नज़रिया और बाज़ार का संदर्भ

भले ही इन पोर्टफोलियो ने अल्पावधि में बेहतर प्रदर्शन किया हो, लेकिन बाज़ार की व्यापक परिस्थितियाँ अभी भी अनिश्चित बनी हुई हैं। विश्लेषक पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक विकास (Geopolitical Developments) और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों पर इसके संभावित प्रभाव पर नज़र रखे हुए हैं, जो घरेलू महंगाई (Inflation) और कॉर्पोरेट मुनाफे को प्रभावित कर सकते हैं। भविष्य का प्रदर्शन काफी हद तक कॉर्पोरेट आय वृद्धि (Corporate Earnings Growth) और अस्थिर माहौल में कंपनियों की बैलेंस शीट को मजबूत बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगा। इन पोर्टफोलियो को देखने वाले निवेशकों को सिर्फ अल्पावधि की मूल्य गतिविधियों (Price Movements) पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय प्रबंधन की गुणवत्ता (Management Quality) और वैल्यूएशन कम्फर्ट (Valuation Comfort) पर नज़र रखनी चाहिए, क्योंकि अगर मैक्रो दबाव (Macro Pressures) बना रहता है तो बाज़ार में कंसोलिडेशन (Consolidation) की संभावना बनी रहेगी।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.