AI से कमोडिटी की डिमांड में बंपर उछाल?
मनीष सोनथालिया के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कई जरूरी खनिजों, धातुओं और ऊर्जा संसाधनों की मांग को बढ़ा सकता है। अनुमान है कि AI के कारण कॉपर और लिथियम जैसी कमोडिटी की मांग 20-30% तक बढ़ सकती है, जबकि दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earth Elements) की मांग में भी बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा। वैश्विक औद्योगिक मांग और सप्लाई चेन में चल रहे बदलावों से 2026 तक औद्योगिक धातुओं और ऊर्जा की कीमतों को सहारा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, यह भी देखना होगा कि सप्लाई में कहीं कोई रुकावट न आए, जो कीमतों में अस्थिरता ला सकती है।
PSU बैंकों में वैल्यू का खजाना या ट्रैप?
Emkay की रणनीति में प्राइवेट बैंकों की तुलना में पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) बैंकों को प्राथमिकता दी गई है। इसकी वजह है इनके आकर्षक वैल्यूएशन। फिलहाल PSU बैंक, प्राइवेट बैंकों के मुकाबले काफी कम वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहे हैं। PSU बैंकों का औसत प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो लगभग 7-9x है, जबकि प्राइस-टू-बुक (P/B) रेशियो 1.5x के आसपास है। इसके उलट, प्राइवेट बैंक 15x के P/E रेशियो और 3x के P/B रेशियो पर मिल रहे हैं। हालांकि, PSU बैंकों के नेट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (NPA) 5-6% के आसपास हैं, जो प्राइवेट बैंकों (<2%) से काफी ज्यादा हैं।
IT सेक्टर पर क्यों बरत रहे हैं नरमी?
Emkay ने IT सेक्टर पर 'अंडरवेट' यानी थोड़ी नरमी वाली राय रखी है। उनका मानना है कि AI-आधारित ऑटोमेशन से रूटीन सर्विस वाले कामों पर असर पड़ सकता है, जिससे मार्जिन पर दबाव आ सकता है। हालांकि, AI-स्पेशफिक सर्विसेज, डेटा एनालिटिक्स और क्लाउड माइग्रेशन की मांग अभी भी मजबूत बनी हुई है। ऐतिहासिक रूप से, IT सेक्टर 25-30x के P/E रेशियो पर ट्रेड करता रहा है।
भू-राजनीतिक अनिश्चितता: खरीदारी का मौका?
सोनथालिया का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव के कारण आने वाली गिरावट को खरीदारी के मौके के तौर पर देखा जाना चाहिए। 2024 और 2025 में ऐसे कई मौके आए जब भू-राजनीतिक घटनाओं के बाद बाजार में 5-10% की गिरावट आई, लेकिन 4 से 6 महीनों में बाजार संभल भी गया। ऐसे समय में डिफेंसिव सेक्टर अच्छा कर सकते हैं, लेकिन अन्य सेक्टर्स में भी चुनिंदा मौके बनते हैं।
जोखिम और आगे की राह
PSU बैंकों में वैल्यू दिखती है, लेकिन उनके NPA और धीमी ग्रोथ की चुनौतियां बनी हुई हैं। वहीं, कमोडिटी की AI-ड्रिवेन डिमांड सप्लाई की दिक्कतों से प्रभावित हो सकती है। IT सेक्टर में ऑटोमेशन का खतरा है, लेकिन जो कंपनियां AI पर फोकस करेंगी, वे अच्छा प्रदर्शन कर सकती हैं।