शेयर में तूफानी तेजी की वजह?
ABB India के निवेशकों के लिए 20 फरवरी, 2026 का दिन खास रहा। कंपनी के शेयर में 7% से अधिक की जोरदार उछाल देखी गई, जो ₹6,119 के करीब पहुंच गया। इस तेजी का मुख्य कारण कंपनी द्वारा घोषित किए गए रिकॉर्ड ₹4,096 करोड़ के Q4 CY25 ऑर्डर हैं, जो पिछले साल की तुलना में 52% की भारी बढ़ोतरी दर्शाते हैं। यह रिकॉर्ड इनफ्लो पिछले पांच सालों में सबसे ज्यादा है।
रेवेन्यू ग्रोथ और ऑर्डर बुक:
ऑर्डर्स के साथ-साथ, कंपनी का रेवेन्यू भी 6% बढ़कर ₹3,557 करोड़ दर्ज किया गया। यह ग्रोथ कंपनी के सभी बिजनेस सेगमेंट्स और एक्सपोर्ट से मिले अच्छे रेवेन्यू के दम पर हासिल हुई। 31 दिसंबर, 2025 तक कंपनी का ऑर्डर बुक ₹10,500 करोड़ पर मजबूत बना रहा, जो अगले कुछ समय के लिए कमाई की अच्छी तस्वीर दिखाता है। इसके अलावा, बोर्ड ने ₹29.59 प्रति शेयर के डिविडेंड की भी सिफारिश की है, जो शेयरधारकों के लिए एक और सकारात्मक खबर है।
प्रॉफिट में गिरावट और मार्जिन पर दबाव:
हालांकि, इन सबके बीच एक अहम चिंता भी सामने आई। इनपुट कॉस्ट (जैसे कच्चे माल की लागत) में बढ़ोतरी और लेबर खर्चों में इजाफे के कारण, कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले 18% घटकर ₹432.85 करोड़ रह गया। यह कंपनी के लिए मार्जिन पर दबाव का संकेत है।
वैल्यूएशन की चिंता और ब्रोकरेज फर्म्स की राय:
यहीं पर ब्रोकरेज फर्म्स की राय बंट जाती है। ABB India का शेयर फिलहाल काफी महंगे वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। CY26 के लिए इसका फॉरवर्ड P/E रेश्यो करीब 71x और CY27 के लिए 63x है। भारतीय इलेक्ट्रिकल इंडस्ट्री के औसत P/E (जो 25.4x के आसपास है) की तुलना में यह बहुत ज्यादा है।
इस महंगे वैल्यूएशन को देखते हुए, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Nomura ने शेयर पर 'Reduce' रेटिंग बनाए रखी है और टारगेट प्राइस ₹4,620 का रखा है। यह मौजूदा भाव से करीब 19% की गिरावट का संकेत देता है। वहीं, Macquarie ने 'Neutral' रेटिंग देते हुए ₹5,420 का टारगेट दिया है, जो करीब 5% की गिरावट का इशारा करता है।
मार्केट का फोकस और भविष्य का रास्ता:
यह स्थिति दर्शाती है कि मार्केट फिलहाल कंपनी के मजबूत ऑर्डर बुक और भविष्य की ग्रोथ की संभावनाओं पर ज्यादा ध्यान दे रहा है, बजाय इसके कि अभी नेट प्रॉफिट में थोड़ी गिरावट आई है। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि ABB India के शेयरों में अक्सर ऐसा देखा गया है कि कमाई के नतीजों वाले दिनों में प्रॉफिट गिरने पर भी, ऑर्डर ग्रोथ और रेवेन्यू आउटलुक को देखकर शेयर चढ़ जाते हैं।
कंपनी का मैनेजमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, रेलवे और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे सेक्टर्स में डिमांड को लेकर काफी उत्साहित है और कंपनी इन सेक्टर्स में निवेश का फायदा उठाने के लिए तैयार है। तकनीकी चार्ट्स (Technical Charts) के आधार पर कुछ विश्लेषक ₹6,700 तक के लेवल की संभावना भी जता रहे हैं। लेकिन, शेयर का हाई वैल्यूएशन और लगातार बने रहने वाले लागत दबाव (cost pressures) अभी भी बड़ी चिंताएं बनी हुई हैं, जो शेयर की चाल पर असर डाल सकती हैं।