कहां बन रही है टेक्नीकल तेजी?
Angel One के एनालिस्ट राजेश भोसले ने ₹100 के अंदर ट्रेड करने वाले 5 शेयरों में खास टेक्नीकल पैटर्न को पहचाना है, जो इनमें संभावित तेजी का संकेत दे रहे हैं।
- NHPC (₹83.17 पर): यह शेयर एक मल्टी-ईयर कंसॉलिडेशन (Multi-year consolidation) और डिसेंडिंग ट्रायंगल पैटर्न (Descending triangle pattern) से बाहर निकला है। मजबूत वॉल्यूम (Volumes) और पॉजिटिव RSI के साथ, इसका टारगेट प्राइस ₹91 रखा गया है।
- NMDC (₹88.83 पर): सॉसर फॉर्मेशन ब्रेकआउट (Saucer formation breakout) के बाद यह शेयर नई ऊंचाई पर है। मजबूत वॉल्यूम और 60 से ऊपर RSI के साथ, इसका लक्ष्य ₹100 है।
- HCC (₹23.58 पर): इस कंस्ट्रक्शन कंपनी के शेयर ने 200-दिन मूविंग एवरेज (200-day moving average) को राउंडिंग बॉटम पैटर्न (Rounding bottom pattern) के साथ पार किया है। इसका टारगेट ₹29 है।
- South Indian Bank (₹40.95 पर): यह शेयर प्रमुख मूविंग एवरेज के ऊपर और 61.8% रिट्रेसमेंट लेवल (61.8% retracement level) को पार करके अपट्रेंड (Uptrend) फिर से शुरू कर चुका है। इसका टारगेट ₹46 है।
- Lloyd Engineering (₹59.54 पर): इस शेयर में मल्टी-पैटर्न ब्रेकआउट (Multi-pattern breakout) दिख रहा है, जिसमें राउंडिंग बॉटम और फ्लैग पैटर्न (Flag patterns) शामिल हैं। इसका टारगेट ₹66 है।
वैल्यूएशन और सेक्टर की क्या है स्थिति?
इन टेक्नीकल स्ट्रेंथ के बावजूद, इन शेयरों का वैल्यूएशन (Valuation) और सेक्टर (Sector) की अपनी-अपनी कहानियां हैं:
- NHPC: पावर सेक्टर में यह कंपनी ₹83,655 करोड़ के मार्केट कैप (Market Cap) के साथ, 31.3 से 41.98 के P/E (Price-to-Earnings ratio) पर ट्रेड कर रही है, जो इसके रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स (Renewable energy projects) से उम्मीदें दर्शाती है।
- NMDC: माइनिंग (Mining) फर्म NMDC का TTM P/E लगभग 11.35 है और मार्केट कैप करीब ₹78,300 करोड़ है। इंफ्रास्ट्रक्चर (Infrastructure) की जरूरतें माइनिंग सेक्टर को ग्रोथ दे सकती हैं।
- HCC: कंस्ट्रक्शन (Construction) सेक्टर में ICRA का अनुमान है कि FY2025-26 में रेवेन्यू ग्रोथ (Revenue growth) 2-4% रहेगी, और FY26-27 में 6-8% की रिकवरी (Recovery) हो सकती है।
- South Indian Bank: एक मिड-टियर प्राइवेट बैंक (Mid-tier private bank) के तौर पर, इसका TTM P/E करीब 7.0-7.7 और मार्केट कैप ₹10,730 करोड़ है, लेकिन यह कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना कर रहा है।
- Lloyd Engineering: इंडस्ट्रियल और इंजीनियरिंग सर्विसेज (Industrial and engineering services) में ₹8,661 करोड़ के मार्केट कैप वाली इस कंपनी का P/E 43.8 से 90.02 के बीच बहुत ऊंचा है। यह उम्मीदें तो दिखाता है, पर हालिया अंडरपरफॉरमेंस (Underperformance) चिंताजनक है।
इन शेयरों में छिपे हैं ये जोखिम
टेक्नीकल तेजी की उम्मीदों के साथ कुछ बड़े जोखिम भी जुड़े हैं:
- NHPC: हेवी Reliance हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर (Hydroelectric power) पर होने के कारण मॉनसून (Monsoon) की अनिश्चितता इसे प्रभावित कर सकती है।
- NMDC: आयरन ओर (Iron ore) प्रोड्यूसर होने के नाते, यह कमोडिटी प्राइस स्विंग्स (Commodity price swings) और स्टील (Steel) व इंफ्रा की डिमांड पर निर्भर है।
- HCC: FY2025-26 के लिए कंस्ट्रक्शन सेक्टर (Construction sector) की धीमी ग्रोथ से एग्जीक्यूशन चैलेंजेस (Execution challenges) झेलना पड़ सकता है।
- South Indian Bank: HDFC Bank और ICICI Bank जैसे बड़े बैंकों से कड़े कंपटीशन का सामना करना पड़ रहा है, जिनके पास बेहतर स्केल (Scale) और डिजिटल प्लेटफॉर्म (Digital platforms) हैं।
- Lloyd Engineering: बहुत ऊंचे P/E रेश्यो (Valuation) के साथ, यह कंपनी सेक्टर पीयर्स (Sector peers) से पीछे रही है। प्रमोटर प्लेज (Promoter pledge) 14.35% और बहुत कम इंस्टीट्यूशनल होल्डिंग (Institutional holding) गवर्नेंस (Governance) और कॉन्फिडेंस (Confidence) को लेकर सवाल खड़े करते हैं।
सेक्टर का भविष्य और मुख्य सवाल
आगे चलकर, बैंकिंग सेक्टर (Banking sector) को लगातार डिजिटल इन्वेस्टमेंट (Digital investment) की जरूरत होगी, जबकि कंस्ट्रक्शन सेक्टर (Construction sector) में इंफ्रास्ट्रक्चर स्पेंडिंग (Infrastructure spending) के चलते FY26-27 तक सुधार की उम्मीद है। माइनिंग सेक्टर (Mining sector) डोमेस्टिक डिमांड (Domestic demand) के चलते मजबूत बना हुआ है। इंजीनियरिंग सर्विसेज (Engineering services) ग्लोबल ट्रेंड्स (Global trends) से लाभान्वित हो रही हैं। Lloyd Engineering के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह कंपनी लगातार बढ़ते रेवेन्यू को सस्टेनेबल प्रॉफिट (Sustainable profit) में बदल पाएगी और अपने ऊंचे वैल्यूएशन को सही ठहरा पाएगी।
