25 साल का ये युवा बना करोड़पति, पर अब बिजनेस में मंदी से परेशान

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AuthorSaanvi Reddy|Published at:
25 साल का ये युवा बना करोड़पति, पर अब बिजनेस में मंदी से परेशान

एक 25 वर्षीय उद्यमी, जिसने सिर्फ ढाई साल में ₹50,000 के निवेश को ₹4.35 करोड़ की नेट वर्थ में बदल दिया था, अब अपने बिजनेस में मुनाफे में भारी गिरावट का सामना कर रहा है। यह कहानी उन युवाओं के लिए एक केस स्टडी है जो तेजी से अमीर बनने के बाद वित्तीय अस्थिरता और जोखिम भरे ट्रेडिंग में उतरने के खतरों का अनुभव कर रहे हैं।

कैसे बदली किस्मत?

यह कहानी एक 25 साल के उद्यमी की है, जिसने दो-ढाई साल पहले महज ₹50,000 बचाकर एक ऑनलाइन एजेंसी शुरू की थी। देखते ही देखते, इस एजेंसी ने ₹4.35 करोड़ की नेट वर्थ हासिल कर ली। बिजनेस के पीक पर, यह युवा हर महीने करोड़ों रुपए कमा रहा था, कुछ महीनों में तो ₹1 करोड़ से भी ज्यादा का मुनाफा दर्ज किया गया।

मंदी का मनोवैज्ञानिक असर

लेकिन अब बिजनेस मॉडल में बड़ी मंदी आ गई है। मौजूदा समय में, कंपनी का मंथली नेट प्रॉफिट घटकर करीब ₹1 लाख रह गया है। इस गिरावट ने उद्यमी के लिए एक बड़ा मनोवैज्ञानिक चैलेंज खड़ा कर दिया है। उसका कहना है कि इतनी ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद, ₹1 लाख का मुनाफा भी अब बहुत कम लगता है, भले ही यह कई लोगों के लिए एक अच्छी रकम हो। इस एटीट्यूड शिफ्ट के कारण वह जल्दबाजी में फैसले ले रहा है।

ट्रेडिंग का लालच और एक्सपर्ट्स की सलाह

बिजनेस में आई इस मंदी को देखते हुए, यह युवा अब अपनी ₹9 लाख से ₹13 लाख (नेट वर्थ का 2-3%) की पूंजी को फॉरेक्स (Forex) और गोल्ड ट्रेडिंग में लगाने की सोच रहा है, ताकि वह तेजी से अपना पुराना मुनाफा वापस पा सके। हालांकि, यह कदम उसके बचाए हुए पैसों के लिए बड़ा जोखिम पैदा कर सकता है।

ऑनलाइन फोरम पर इस मामले पर काफी चर्चा हुई। ज्यादातर लोगों ने उसे सलाह दी कि फॉरेक्स जैसे रिस्की मार्केट में बिना अच्छी जानकारी के पैसा लगाना, जमा की हुई पूंजी को डुबा सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समय पूंजी को बचाना सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने म्यूचुअल फंड (Mutual Funds), डेट फंड (Debt Funds), बॉन्ड (Bonds) या रियल एस्टेट (Real Estate) जैसे कम जोखिम वाले निवेशों में पैसा लगाने की सलाह दी है। कुछ लोगों ने तो यह भी कहा है कि वह अपने मुख्य बिजनेस को ठीक करने या नए स्किल सीखने पर ध्यान दे।

यह कहानी हमें सिखाती है कि बिजनेस से होने वाली कमाई को पर्सनल सेविंग से अलग रखना चाहिए। जब कमाई में उतार-चढ़ाव हो, तो ट्रेडिंग से जल्दी पैसा बनाने का लालच आ सकता है। ऐसे में, सबसे अच्छा रास्ता यही है कि अपनी पूंजी का कुछ हिस्सा सुरक्षित निवेशों में रखें और अपनी लाइफस्टाइल को कमाई के हिसाब से ही मैनेज करें।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.