YatriKart ने MMG Group के साथ **₹120 करोड़** की स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की है। कंपनी अगले पांच साल में **1,000** नए रिटेल स्टोर खोलने की तैयारी में है, जो मुख्य रूप से फ्यूल स्टेशनों और बस टर्मिनलों पर होंगे।
आक्रामक विस्तार की तैयारी
YatriKart ने अपने फुटप्रिंट को तेजी से बढ़ाने के लिए MMG Group के साथ हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का लक्ष्य अगले 5 वर्षों में देश भर में 1,000 रिटेल आउटलेट्स स्थापित करना है। कंपनी की रणनीति साफ है—यात्री बहुल इलाकों जैसे हाईवे रेस्ट एरिया, पेट्रोल पंप और बस अड्डों पर कब्जा जमाना, जहां 'इंपल्स बाइंग' की काफी संभावनाएं होती हैं।
FICO मॉडल का सहारा
कंपनी ने इस विस्तार के लिए 'Franchise Invested, Company Operated' (FICO) मॉडल को चुना है। इस मॉडल के तहत, इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल खर्च का जिम्मा MMG Group का होगा, जबकि सप्लाई चेन, डेली ऑपरेशंस और टेक मैनेजमेंट की जिम्मेदारी YatriKart संभालेगी। इस एसेट-लाइट मॉडल से कंपनी भारी कर्ज के बोझ से बचेगी और तेजी से अपनी संख्या बढ़ा सकेगी।
टेक्नोलॉजी का तड़का
दिल्ली-NCR में पहले चरण में 100 स्टोर्स के साथ यह पायलट प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है। इसके साथ ही, कंपनी एक नया मोबाइल ऐप भी लॉन्च करेगी। इस ऐप के जरिए ग्राहक अपने रूट पर मौजूद स्टोर ढूंढ सकेंगे, पहले से ऑर्डर प्लेस कर सकेंगे और फ्यूल स्टेशनों पर 'कर्बसाइड पिकअप' की सुविधा का फायदा उठा सकेंगे।
चुनौतियां और भविष्य की राह
वर्तमान में YatriKart 8 शहरों में 80 से ज्यादा स्टोर चला रही है। अब चुनौती 1,000 स्टोर्स तक पहुंचने की है, जहां सबसे बड़ा टास्क पूरे नेटवर्क में 'यूनिफॉर्म सर्विस स्टैंडर्ड्स' को बनाए रखना होगा। इन्वेस्टर्स के लिए दिल्ली-NCR का पायलट प्रोजेक्ट एक बेंचमार्क होगा। सप्लाई चेन की कुशलता और स्टोर्स खोलने की रफ्तार ही तय करेगी कि कंपनी अपने 5 साल के विजन को कैसे हकीकत में बदलती है।
