टेक्नोलॉजी फर्म Xpertnest ने बिना किसी वेंचर कैपिटल (VC) के अपने दम पर **$10 करोड़** से अधिक की वैल्यूएशन हासिल कर ली है। पूर्व आर्मी ऑफिसर कैप्टन अरुण कर द्वारा स्थापित यह कंपनी AI और IoT जैसे डिजिटल सॉल्यूशंस प्रदान करती है, लेकिन रिटेल निवेशकों के लिए एक जरूरी अपडेट यह है कि यह कंपनी अभी पब्लिक लिस्टेड नहीं है।
बिना बाहरी मदद के बड़ी कामयाबी
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) में काम करने वाली कंपनी Xpertnest ने $10 करोड़ (करीब 830 करोड़ रुपये) की वैल्यूएशन का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है। आज के दौर में जहां स्टार्टअप्स लगातार फंडिंग जुटाने में लगे रहते हैं, वहीं इस कंपनी ने 'बूटस्ट्रैप्ड' (स्व-वित्तपोषित) मॉडल अपनाकर सबको हैरान कर दिया है। कंपनी ने बिना अपनी हिस्सेदारी बेचे या भारी कर्ज लिए, सिर्फ अपने ऑपरेशनल प्रॉफिट से खुद को इतना बड़ा बनाया है।
कौन हैं इसके पीछे?
इस कंपनी की नींव 2016 में भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी कैप्टन अरुण कर ने रखी थी। कंपनी मुख्य रूप से स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स और पब्लिक यूटिलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए डिजिटल सॉल्यूशंस पर काम करती है। आज कंपनी का कामकाज सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह UK, यूरोप और मिडिल ईस्ट के बाजारों में भी अपने पैर पसार चुकी है।
रिटेल निवेशकों के लिए जरूरी जानकारी
अगर आप भी इस ग्रोथ को देखकर निवेश का सोच रहे हैं, तो रुकिए! Xpertnest एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। यह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) या बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्टेड नहीं है। इसका मतलब यह है कि आम रिटेल निवेशक अभी इसके शेयर नहीं खरीद सकते। हालांकि कंपनी अपनी कैपिटल जरूरतों के लिए इंटरनेशनल कॉर्पोरेट बॉन्ड्स का इस्तेमाल करती है, लेकिन इक्विटी मार्केट में इसकी कोई भागीदारी नहीं है।
रिस्क और चुनौतियां
प्राइवेट कंपनियों में निवेश का सबसे बड़ा रिस्क 'लिक्विडिटी' होता है। शेयर बाजार की तरह इसमें सेकेंडरी मार्केट नहीं होता, जहां आप कभी भी शेयर बेच सकें। इसके अलावा, कंपनी का भविष्य पूरी तरह से उन बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्ट्रैक्ट्स पर निर्भर है जो यह ग्लोबल मार्केट में हासिल करती है। फिलहाल यह 'Nest Group' के अंतर्गत काम कर रही है और कंपनी का भविष्य सस्टेनेबिलिटी और गेमिंग जैसे नए सेक्टरों पर भी टिका है।
