वेंचर कैपिटलिस्ट (VC) हेमंत मोहपात्रा ने बताया है कि आजकल 90% स्टार्टअप पिच AI से तैयार की जा रही हैं। इनमें वो पर्सनल टच नहीं होता जो निवेशकों का ध्यान खींच सके। इससे असली फाउंडर्स के लिए फंड जुटाना और मुश्किल हो गया है।
AI पिचों पर VC क्यों लगा रहे हैं रोक?
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल ने स्टार्टअप्स की फंडिंग की राह को और कठिन बना दिया है। जाने-माने वेंचर कैपिटलिस्ट (VC) हेमंत मोहपात्रा ने खुलासा किया है कि उन्हें हर महीने 300 से 400 अनचाही स्टार्टअप पिचों का सामना करना पड़ता है। हैरानी की बात यह है कि इनमें से करीब 90% पिचों में AI का हाथ नजर आता है, न कि फाउंडर का।
मोहपात्रा के अनुसार, निवेशक किसी भी नए मौके में फाउंडर की सोच, समस्या की गहरी समझ और उनकी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा जैसे संकेतों की तलाश करते हैं। AI से तैयार पिचों में अक्सर ये चीजें गायब होती हैं। ये पिचें बहुत सामान्य, बेवजह लंबी और कभी-कभी तो निवेशक के बारे में गलत जानकारी से भरी होती हैं। ऑटोमेटेड टेम्पलेट्स पर निर्भर रहने से फाउंडर अपनी वो खास आवाज और जज्बा खो देते हैं, जो एक गंभीर बिजनेस को आम प्रयोग से अलग दिखाता है।
भीड़ में अलग कैसे दिखें?
स्टार्टअप फाउंडर्स के लिए फंड जुटाना एक कड़ी प्रतिस्पर्धा है। ऐसे माहौल में, जहां निवेशकों को हर हफ्ते सैकड़ों मैसेज मिलते हैं, पिच का मकसद जल्द से जल्द बिजनेस की अहमियत बताना होता है। AI-संचालित आउटरीच के साथ दिक्कत यह है कि यह एक जैसी लगने वाली, अधूरी तैयार की गई पिचों का अंबार लगा देती है, जिससे वाकई इनोवेटिव स्टार्टअप्स का ध्यान आकर्षित करना मुश्किल हो जाता है। एक ऐसी पिच जो मशीन द्वारा लिखी गई लगती है, उसमें अक्सर वो जुनून नहीं झलकता जो एक सफल और लंबे समय तक चलने वाली कंपनी बनाने के लिए जरूरी है।
असलियत की ओर बढ़ता कदम
हालांकि ChatGPT जैसे AI प्लेटफॉर्म फॉर्मेटिंग में मदद कर सकते हैं, लेकिन मुख्य संदेश फाउंडर को खुद देना होगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि एक छोटा, सच्चा ईमेल जिसमें बिजनेस की समस्या, उसका समाधान और अब तक की ग्रोथ (traction) साफ-साफ बताई गई हो, लंबी AI-निर्मित कहानियों से कहीं ज्यादा असरदार है। फाउंडर्स के लिए सबसे अच्छी रणनीति है कि वे कुशलता और व्यक्तिगत संपर्क के बीच संतुलन बनाएं। सैकड़ों ऑटोमेटेड मैसेज भेजने के बजाय, खास निवेशकों पर रिसर्च करने और व्यक्तिगत, सच्ची पिच तैयार करने में ज्यादा समय लगाने से बातचीत शुरू होने की संभावना काफी बढ़ सकती है।
निवेशक उन फाउंडर्स को प्राथमिकता देना जारी रखेंगे जो बिजनेस में अपनी गहरी भागीदारी और मुनाफे या ग्रोथ की स्पष्ट राह दिखा सकते हैं। फाउंडर्स को अपनी अनूठी अंतर्दृष्टि और प्रतिबद्धता दिखाने पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि AI के लिए इन मानवीय तत्वों को सटीकता से दोहराना अभी भी मुश्किल है।
