Urban Company: घाटा बढ़कर **₹182 करोड़** के पार, कंपनी जुटाएगी **₹2,500 करोड़** का फंड

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AuthorMehul Desai|Published at:
Urban Company: घाटा बढ़कर **₹182 करोड़** के पार, कंपनी जुटाएगी **₹2,500 करोड़** का फंड

Urban Company ने Q2 FY27 के नतीजे जारी किए हैं। आक्रामक विस्तार के चलते कंपनी का नेट लॉस **₹182 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन रेवेन्यू में **41%** की शानदार ग्रोथ दर्ज की गई है। कंपनी अब भविष्य के ऑपरेशंस के लिए **₹2,500 करोड़** जुटाने की तैयारी कर रही है।

घाटे के पीछे की असली वजह

Urban Company का कंसोलिडेटेड नेट लॉस चालू फाइनेंशियल ईयर की दूसरी तिमाही में बढ़कर ₹182.48 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹59.33 करोड़ था। कंपनी का कहना है कि यह घाटा मुख्य रूप से उनके 'InstaHelp' सेगमेंट में किए जा रहे भारी निवेश के कारण है, जो होम मेंटेनेंस और क्लीनिंग सर्विसेज पर फोकस करता है।

कारोबार की रफ्तार

मुनाफे पर दबाव के बावजूद कंपनी के बिजनेस में डिमांड काफी मजबूत है। ऑपरेशनल रेवेन्यू 41.4% बढ़कर ₹537.29 करोड़ पर पहुंच गया है। कंपनी के प्लेटफॉर्म पर टोटल ट्रांजैक्शन वैल्यू 39% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,432 करोड़ रही। वहीं, ऑर्डर्स की संख्या 103% के उछाल के साथ 15.1 मिलियन तक पहुंच गई है। फिलहाल, कंपनी के पास लगभग 1 करोड़ सालाना ट्रांजैक्टिंग कस्टमर्स हैं।

फंड जुटाने की योजना

कंपनी ने अपनी भविष्य की ग्रोथ और नए प्रोजेक्ट्स के लिए ₹2,500 करोड़ जुटाने का प्रस्ताव रखा है। यह फंड 'क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट' (QIP) के जरिए जुटाया जाएगा। मैनेजमेंट के अनुसार, कंपनी के पास अभी भी ₹1,901 करोड़ की नकदी और ट्रेजरी एसेट्स मौजूद हैं, इसलिए यह फंडरेजिंग मजबूरी नहीं, बल्कि एक स्ट्रैटेजिक कदम है।

क्या है आगे का प्लान?

InstaHelp सेगमेंट का घाटा पिछले साल के ₹42.91 करोड़ से बढ़कर ₹173.12 करोड़ हो गया है। कंपनी ने बाजार में पैठ बनाने के लिए कीमतों में कटौती की है, जिससे प्रति ऑर्डर वैल्यू ₹138 से घटकर ₹114 रह गई है। लीडरशिप ने FY28 की तीसरी तिमाही तक 'एडजस्टेड EBITDA ब्रेक-ईवन' का लक्ष्य रखा है, और FY31 तक ₹1,000 करोड़ के एडजस्टेड EBITDA कॉन्ट्रिब्यूशन की उम्मीद जताई है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.