अमेरिकी चेकआउट स्टार्टअप Bolt अपने ऑपरेशंस को बचाने के लिए **$27 मिलियन** की नई फंडिंग जुटाने की कोशिश कर रहा है। कंपनी का वैल्यूएशन कभी **$11 बिलियन** हुआ करता था, जो अब गिरकर लगभग **$300 मिलियन** रह गया है।
एक समय की हाई-फ्लाइंग यूनिकॉर्न कंपनी Bolt अब अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। फाउंडर Ryan Breslow, जो फिर से CEO बन चुके हैं, अब कंपनी को प्रॉफिटेबिलिटी (Profitability) की राह पर ले जाने की कोशिश कर रहे हैं। इस संकट को देखते हुए कंपनी $27 मिलियन की ब्रिज फंडिंग जुटाने में लगी है।
'Pay-to-play' क्लॉज का क्या मतलब है?
यह फंडिंग राउंड 'Pay-to-play' स्ट्रक्चर के साथ आया है। इसका सीधा मतलब यह है कि मौजूदा शेयरधारकों को इस दौर में निवेश करना ही होगा, वरना उनके हिस्सेदारी (Ownership Stake) का वैल्यू काफी कम हो जाएगा। संकट में फंसी कंपनियां अक्सर ऐसा इसलिए करती हैं ताकि पुराने निवेशक कंपनी के बुरे वक्त में साथ बने रहें।
कर्मचारियों की संख्या में भारी कटौती
कंपनी ने अपने खर्चों को कम करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। साल 2021 में कंपनी में लगभग 900 कर्मचारी थे, जो अब घटकर सिर्फ 60 रह गए हैं। CEO का दावा है कि कंपनी अब पहले से ज्यादा 'लीन' (Lean) है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रही है।
भारतीय निवेशकों के लिए चेतावनी
भारतीय निवेशकों को सावधान रहने की जरूरत है। यह अमेरिकी फिनटेक स्टार्टअप Bolt है, जिसका भारतीय शेयर बाजार के 'BSE Online Trading' (BOLT) सिस्टम या हेल्थकेयर कंपनी Bolt Biotherapeutics से कोई लेना-देना नहीं है।
अब कंपनी अपना ध्यान 'सुपर ऐप' मॉडल की ओर मोड़ने की कोशिश कर रही है, जिसमें पीयर-टू-पीयर पेमेंट्स और क्रिप्टो फीचर्स शामिल होंगे। देखना यह होगा कि क्या यह $27 मिलियन की लाइफलाइन कंपनी की नैया पार लगा पाएगी या नहीं।
