Uber के पूर्व CEO Travis Kalanick की कंपनी Atoms ने AI के लिए जुटाए $1.7 अरब

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AuthorNeha Patil|Published at:
Uber के पूर्व CEO Travis Kalanick की कंपनी Atoms ने AI के लिए जुटाए $1.7 अरब

Uber के पूर्व CEO Travis Kalanick की कंपनी Atoms ने इंडस्ट्रियल AI और ऑटोमेशन पर फोकस करने के लिए **$1.7 अरब** की भारी भरकम फंडिंग जुटाई है। इस राउंड में Uber ने भी **$100 मिलियन** का निवेश किया है, जो पुराने कानूनी विवादों के बावजूद एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है।

Detailed Coverage

AI और ऑटोमेशन में Kalanick का नया दांव

Uber के पूर्व CEO Travis Kalanick अपनी नई कंपनी Atoms के जरिए इंडस्ट्रियल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और फिजिकल ऑटोमेशन के क्षेत्र में बड़ा कदम उठा रहे हैं। कंपनी ने वेंचर कैपिटल फर्म Andreessen Horowitz की अगुवाई में $1.7 अरब का फंड जुटाया है। Atoms का लक्ष्य माइनिंग और ट्रांसपोर्ट जैसे उद्योगों के लिए AI-संचालित टेक्नोलॉजी विकसित करना है। इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए कंपनी ने Pronto का अधिग्रहण भी किया है, जो ऑटोनोमस सिस्टम (autonomous systems) बनाने वाली एक स्टार्टअप है।

खास निवेशकों का साथ और बोर्ड में बदलाव

इस फंडिंग राउंड में Andreessen Horowitz के अलावा Bain Capital और Fifth Wall जैसे बड़े निवेशक भी शामिल हुए हैं। इस नए वेंचर में Andreessen Horowitz के को-फाउंडर Ben Horowitz भी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का हिस्सा बनेंगे। यह वही कंपनी है जिसे पहले Kalanick के घोस्ट किचन (ghost kitchen) बिजनेस के तौर पर जाना जाता था, लेकिन अब यह रोबोटिक्स और मोबिलिटी में उनके नए प्रोजेक्ट्स का मुख्य प्लेटफॉर्म बन गई है।

Uber का निवेश और पुराना कानूनी मामला

Uber का Atoms में $100 मिलियन का निवेश काफी मायने रखता है, खासकर दोनों कंपनियों के बीच रहे जटिल कानूनी इतिहास को देखते हुए। कुछ साल पहले Waymo (Google की सेल्फ-ड्राइविंग कार कंपनी) ने Uber पर ऑटो (Otto) के अधिग्रहण के बाद ट्रेड सीक्रेट चोरी का आरोप लगाया था, जिसमें कई कानूनी पेचीदगियां थीं। इस निवेश के जरिए Uber ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी के भविष्य में अपनी रणनीतिक रुचि बनाए रखना चाहता है, भले ही इस इंडस्ट्री में रेगुलेटरी और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी (intellectual property) को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं।

इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन का बढ़ता ट्रेंड

Atoms का यह कदम इस बड़े ट्रेंड को दिखाता है कि कैसे टेक कंपनियां माइनिंग और लॉजिस्टिक्स जैसे फिजिकल इंडस्ट्रीज में AI का इस्तेमाल बढ़ा रही हैं। इन क्षेत्रों में ऑटोमेशन से सुरक्षा और एफिशिएंसी (efficiency) में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, ऐसी टेक्नोलॉजी को व्यावसायिक रूप से सफल बनाना एक बड़ी चुनौती है। कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह विभिन्न टेक्नोलॉजीज को कितनी अच्छी तरह एकीकृत कर पाती है, रेगुलेटरी बाधाओं को कैसे पार करती है और हार्डवेयर डेवलपमेंट की भारी लागत को कैसे संभालती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.