बेंगलुरु की वेंचर कैपिटल फर्म Transition VC ने एनर्जी और इंडस्ट्रियल डीपटेक स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने के लिए ₹1,500 करोड़ का दूसरा फंड लॉन्च किया है। इस फंड से करीब 20 से 23 कंपनियों में $2 मिलियन से $5 मिलियन तक का निवेश किया जाएगा। यह कदम इंजीनियरिंग-आधारित हार्डवेयर कंपनियों में बढ़ती संस्थागत रुचि को दर्शाता है।
Detailed Coverage
डीपटेक इकोसिस्टम में Transition VC का विस्तार
Transition VC भारतीय डीपटेक इकोसिस्टम में अपने विस्तार की घोषणा की है, जिसके तहत उन्होंने अपने दूसरे फंड को लॉन्च किया है। बेंगलुरु स्थित इस फर्म ने एनर्जी ट्रांज़िशन और इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी पर फोकस करने वाले स्टार्टअप्स के लिए ₹1,500 करोड़ (लगभग $150 मिलियन) का लक्ष्य रखा है। यह फंड फर्म की पिछली सफल कैपिटल रेज के बाद आया है और यह हार्डवेयर-आधारित इंजीनियरिंग सॉल्यूशंस पर उनके फोकस को जारी रखता है।
निवेश की रणनीति: 'Missing Middle' को सपोर्ट
इस नए फंड की निवेश रणनीति उन कंपनियों पर केंद्रित है जो शुरुआती तकनीकी परीक्षण से आगे बढ़ चुकी हैं लेकिन फुल-स्केल मार्केट प्रेजेंस हासिल करने के लिए और अधिक सपोर्ट की आवश्यकता है। Transition VC इस सेगमेंट को 'मिसिंग मिडल' कहता है। फर्म 20 से 23 कंपनियों का चयन करेगी और प्रत्येक स्टार्टअप में $2 मिलियन से $5 मिलियन का निवेश करेगी। निवेश की शुरुआत अक्टूबर 2026 से होगी और यह चार साल की अवधि तक चलेगा।
प्रमुख निवेश क्षेत्र
यह फंड पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन से परे औद्योगिक अनुप्रयोगों की एक विस्तृत श्रृंखला को लक्षित करेगा। भविष्य के पोर्टफोलियो में सेमीकंडक्टर, न्यूक्लियर एनर्जी, जियोथर्मल टेक्नोलॉजीज और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इन सेक्टर्स में विविधता लाकर, फर्म का लक्ष्य एनर्जी सप्लाई और डिमांड चेन में अवसरों का लाभ उठाना है। यह दृष्टिकोण उनकी पिछली रणनीति का थोड़ा विस्तार है, जो मुख्य रूप से कोर एनर्जी ट्रांज़िशन प्रोजेक्ट्स पर केंद्रित थी।
पिछला प्रदर्शन और फंड की परफॉरमेंस
इस दूसरे फंड का लॉन्च फर्म के पहले फंड के बाद आया है, जिसे दिसंबर 2025 में ₹723 करोड़ पर क्लोज किया गया था। इस शुरुआती फंड ने ₹400 करोड़ के अपने मूल लक्ष्य को पार कर लिया था। फर्म के अनुसार, फंड I ने अपने पहले तीन वर्षों के भीतर 57% का इंटरनल रेट ऑफ रिटर्न (IRR) और निवेशित पूंजी पर तीन गुना से अधिक का मल्टीपल दर्ज किया, जो एक मजबूत प्रदर्शन प्रोफ़ाइल को दर्शाता है। ये आंकड़े बैटरी टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक मोटर्स, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स और हाइड्रोजन सिस्टम जैसे विविध क्षेत्रों में काम करने वाली उनकी पोर्टफोलियो कंपनियों की शुरुआती सफलता को दर्शाते हैं।
निवेशकों की भागीदारी
Transition VC ने बताया है कि उनके पहले फंड के कुछ निवेशकों ने दूसरे फंड में भी निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है, और कुछ ने अपने कुल निवेश को बढ़ाया भी है। फर्म ने ग्लोबल इंस्टीट्यूशंस, कॉर्पोरेट इन्वेस्टर्स और फैमिली ऑफिसेज की भागीदारी देखी है। व्यापक बाजार के निवेशकों के लिए, इस फंड-रेज़िंग प्रयास की सफलता और बाद में डिप्लॉयमेंट प्रगति, भारतीय हार्डवेयर और डीपटेक वेंचर्स के लिए संस्थागत भूख के प्रमुख संकेतक होंगे। आने वाले महीनों में मुख्य निगरानी निवेश की गति और 2026 के अंत में शुरू होने वाली शुरुआती राउंड के लिए चुनी जाने वाली विशिष्ट स्टार्टअप्स पर होगी।
