TechnoServe अपने Greenr Sustainability Accelerator को और बड़ा बनाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने अब तक क्लाइमेट-टेक स्टार्टअप्स के लिए **₹250 करोड़** से ज्यादा की फंडिंग जुटाई है, जो टियर 2 और टियर 3 शहरों के इनोवेटर्स के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही है।
सफलता का नया मॉडल
TechnoServe का यह प्रोग्राम स्टार्टअप इकोसिस्टम में काफी अलग है। पारंपरिक इनक्यूबेटर्स के उलट, जहाँ कंपनियां स्टार्टअप्स में हिस्सेदारी (Equity) मांगती हैं, Greenr का मॉडल पूरी तरह से Equity-free और Fee-free है। यह स्टार्टअप्स को 12 महीने तक मेंटरशिप, टेक्निकल लैब एक्सेस और बिजनेस सपोर्ट देता है, ताकि फाउंडर्स बिना मालिकाना हक खोए अपना बिजनेस बड़ा कर सकें।
कहाँ हुआ निवेश?
अब तक इस पहल ने 300 से ज्यादा स्टार्टअप्स को सपोर्ट किया है, जिनमें से 92% कंपनियां टियर 2 और टियर 3 शहरों से आती हैं। अगर सेक्टर वाइज बात करें, तो 42% पैसा 'वेस्ट-टू-वैल्यू' सेक्टर में गया है, जबकि 24% हिस्सा एग्रीकल्चर और उससे जुड़े उद्योगों को मिला है। यह प्रोग्राम Caspian, Peak Sustainability Ventures और Transition VC जैसी फर्मों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
भविष्य की चुनौतियाँ और राह
ऑपरेशनल सफलता के बावजूद, यह मॉडल पूरी तरह से IKEA Foundation और Visa Foundation जैसे दानदाताओं पर निर्भर है। क्योंकि इसमें इक्विटी से कमाई का जरिया नहीं है, इसलिए भविष्य में निरंतरता बनाए रखने के लिए अब TechnoServe 'ब्लेंडेड फाइनेंस' मॉडल पर जोर दे रही है। इसमें ग्रांट, इक्विटी और कंसेशनल डेट (Concessional Debt) को मिलाकर स्टार्टअप्स के लिए एक मजबूत रास्ता तैयार किया जाएगा ताकि वे लॉन्ग टर्म में फाइनेंशियल रूप से सफल हो सकें।
