TechCrunch Disrupt 2026: बिना प्रोडक्ट के कैसे जुटाएं प्री-सीड फंडिंग? मिलेगा खास गाइडेंस

STARTUPSVC
Whalesbook Logo
AuthorAditi Chauhan|Published at:
TechCrunch Disrupt 2026: बिना प्रोडक्ट के कैसे जुटाएं प्री-सीड फंडिंग? मिलेगा खास गाइडेंस

TechCrunch Disrupt 2026 में एक खास पैनल होने वाला है, जो फाउंडर्स को प्रोडक्ट बनाने से भी पहले शुरुआती दौर की फंडिंग जुटाने के तरीके बताएगा। सैन फ्रांसिस्को में अक्टूबर में होने वाले इस इवेंट का मकसद उन फाउंडर्स की मदद करना है जिन्हें कॉम्पिटिटिव मार्केट में निवेशकों को लुभाने में मुश्किल हो रही है, खासकर AI स्टार्टअप्स के बढ़ते दबदबे के बीच।

बिना प्रोडक्ट के फंड जुटाने की कला

TechCrunch Disrupt 2026 इस बार शुरुआती दौर के उद्यमियों के सामने आ रही एक बड़ी चुनौती का समाधान करेगा: कैसे बिना किसी मिनिमम वायबल प्रोडक्ट (MVP) के, सिर्फ एक कॉन्सेप्ट के आधार पर प्री-सीड फंडिंग हासिल की जाए। आज के इन्वेस्टमेंट मार्केट में, खासकर AI-फोकस्ड वेंचर्स की बाढ़ के कारण, फाउंडर्स के लिए बिना किसी ठोस सबूत के कैपिटल जुटाना बेहद मुश्किल हो गया है। इस मुश्किल दौर में 'Winning Pre-Seed Without a Product' नाम का यह सेशन फाउंडर्स को प्रैक्टिकल सलाह देगा।

एक्सपर्ट्स से जानें अर्ली-स्टेज की स्ट्रैटेजी

इस पैनल में तीन ऐसे इन्वेस्टर्स शामिल होंगे जिन्हें अर्ली-स्टेज वेंचर्स में पैसा लगाने का खासा अनुभव है। Sandhya Venkatachalam, जो Axiom Partners के साथ हैं, एक $52 मिलियन का वेंचर फंड देखती हैं जो AI पर केंद्रित है। उन्होंने Groq और FirefliesAI जैसी कंपनियों में निवेश किया है। उनके साथ Puneet Agarwal भी होंगे, जो True Ventures के मैनेजिंग पार्टनर हैं। True Ventures ने 500 से ज़्यादा कंपनियों में 1,050 से ज़्यादा फाउंडर्स को सपोर्ट किया है। Puneet का अनुभव एंटरप्राइज इंफ्रास्ट्रक्चर और AI एप्लीकेशन्स के इवॉल्विंग स्पेस में है। पैनल का तीसरा सदस्य Austin Clements होंगे, जो Slauson & Co. के मैनेजिंग पार्टनर हैं। वे इकोनॉमिक इंक्लूजन और फाउंडर इकोसिस्टम को बड़ा करने पर फोकस करते हैं। Clements PledgeLA के भी चेयरमैन हैं, जो टेक सेक्टर में डाइवर्सिटी को बढ़ावा देने वाला एक ग्रुप है।

फंडिंग और ऑपरेशनल ग्रोथ पर खास फोकस

यह इवेंट 13 से 15 अक्टूबर तक सैन फ्रांसिस्को के Moscone West में आयोजित किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य स्टार्टअप्स के लिए एक प्रैक्टिकल हब बनना है। प्री-सीड फंडिंग सेशन के अलावा, इवेंट के 'Builders Stage' पर कई वर्कशॉप्स भी होंगी। इन सेशंस में बिज़नेस बनाने के अहम पहलुओं पर चर्चा की जाएगी, जैसे कि गो-टू-मार्केट स्ट्रैटेजी डेवलप करना, ऑपरेशनल फैसले लेना और फंडरेजिंग पिचेस को बेहतर बनाना। इन्वेस्टर्स और फाउंडर्स दोनों के लिए, यह इवेंट एक नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म की तरह काम करेगा जहाँ वे ऐसे मार्केट में उभरते ट्रेंड्स का मूल्यांकन कर सकेंगे जहाँ कैपिटल मिलने की राह मुश्किल हो गई है।

प्री-सीड फंडिंग के माहौल को समझना

स्टार्टअप इकोसिस्टम पर नज़र रखने वाले इन्वेस्टर्स के लिए, यह इवेंट अर्ली-स्टेज फाइनेंसिंग की मौजूदा हकीकत को दर्शाता है। इंटरेस्ट रेट्स और मार्केट सेंटिमेंट वेंचर कैपिटल के डिप्लॉयमेंट को प्रभावित कर रहे हैं, जिस कारण कई फंड्स कैपिटल देने से पहले ज़रूरी माइलस्टोन्स को लेकर ज़्यादा सेलेक्टिव हो गए हैं। हालाँकि पैनल 'आइडिया-स्टेज' पिचेस पर केंद्रित है, लेकिन ऐसे फाउंडर्स की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि वे कितनी अच्छी तरह एक स्पष्ट प्रॉब्लम, एक यूनिक सॉल्यूशन और रेवेन्यू तक पहुंचने का एक स्केलेबल रास्ता बता पाते हैं। इस इवेंट में भाग लेने वालों के लिए मुख्य फोकस यह होगा कि ये वेंचर कैपिटलिस्ट्स एक ऐसे बिज़नेस का मूल्यांकन करते समय किन स्पेसिफिक क्राइटेरिया को सबसे ज़रूरी मानते हैं, जिसमें कोई टेंजिबल प्रोडक्ट या एस्टैब्लिश्ड यूजर बेस न हो।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.