T-Hub ने 'Flashpoint' वेंचर स्टूडियो पेश किया है, जो एग्री-टेक और स्पेस-टेक स्टार्टअप्स को बिना इक्विटी डाइल्यूशन के मदद करेगा। एग्री-टेक फाउंडर्स को **₹1 लाख** का मासिक स्टाइपेंड भी मिलेगा।
बिना इक्विटी डाइल्यूशन के मदद
हैदराबाद स्थित इनोवेशन सेंटर T-Hub ने 'Flashpoint' के जरिए स्टार्टअप जगत में एक नया प्रयोग शुरू किया है। इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें शुरुआती दौर में किसी भी तरह की इक्विटी डाइल्यूशन की शर्त नहीं है। यानी फाउंडर्स के पास अपने वेंचर का पूरा कंट्रोल बना रहेगा, जो इसे आम एक्सेलेरेटर्स से बिल्कुल अलग बनाता है।
एग्री-टेक के लिए खास अवसर
एग्री-टेक सेक्टर के लिए T-Hub ने 'Kheyti' के साथ साझेदारी की है। इस प्रोग्राम में चुने गए एंटरप्रेन्योर्स को न सिर्फ ₹1 लाख का मासिक स्टाइपेंड मिलेगा, बल्कि उन्हें 8,000 ग्रीनहाउस किसानों के नेटवर्क तक सीधी पहुंच भी मिलेगी। यह स्टार्टअप्स को अपने समाधानों को रियल-वर्ल्ड में टेस्ट करने का शानदार मौका देगा।
स्पेस-टेक की बाधाएं होंगी दूर
स्पेस-टेक स्टार्टअप्स के लिए हार्डवेयर और टेस्टिंग की लागत हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। इसके समाधान के लिए T-Hub ने 'Dhruva Space' के साथ हाथ मिलाया है। अब स्टार्टअप्स को क्लीनरूम, थर्मल-वैक्यूम टेस्टिंग और वाइब्रेशन टेस्टिंग जैसे महंगे इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधा आसानी से मिल सकेगी, जिन्हें खड़ा करना शुरुआती दौर की कंपनियों के लिए लगभग असंभव होता है।
Flashpoint का मुख्य लक्ष्य स्टार्टअप्स को उनके शुरुआती कॉन्सेप्ट से लेकर 'इंस्टीट्यूशनल वेंचर कैपिटल' फंडिंग तक तैयार करना है। योग्य उद्यमी T-Hub की वेबसाइट के जरिए इस प्रोग्राम के लिए आवेदन कर सकते हैं।
