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State of Joy का बड़ा दांव: पश्चिम एशिया में होगी एंट्री, जुटाएगा फंड!

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
State of Joy का बड़ा दांव: पश्चिम एशिया में होगी एंट्री, जुटाएगा फंड!
Overview

भारतीय स्नीकर ब्रांड State of Joy पश्चिम एशिया में विस्तार करने की तैयारी में है और अगले एक साल के भीतर फंड जुटाने की योजना बना रहा है।

बिजनेस एक्सपेंशन और फंडिंग की तैयारी

State of Joy, भारत का यह स्नीकर ब्रांड, अब पश्चिम एशिया में अपनी पहचान बनाने की तैयारी में है। कंपनी अगले एक साल के भीतर बड़े फंड जुटाने की योजना बना रही है ताकि यह विस्तार संभव हो सके। फाउंडर्स का मानना है कि भारतीय उत्पाद उन देशों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे जहां बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग रहते हैं। पश्चिम एशिया से पहले से ही पूछताछ आ रही है, जो अंतरराष्ट्रीय विस्तार के लिए एक स्पष्ट शुरुआती बिंदु प्रदान करता है।

ओमनीचैनल स्ट्रैटेजी (Omnichannel Strategy)

कंपनी की सेल्स स्ट्रैटेजी एक्सक्लूसिव आउटलेट्स (exclusive outlets) और ऑनलाइन चैनल्स से महत्वपूर्ण योगदान का लक्ष्य रखती है, जो एक ओमनीचैनल रिटेल मॉडल (omnichannel retail model) की ओर एक सोची-समझी चाल का संकेत देता है।

फिलहाल State of Joy 800 से अधिक मल्टी-ब्रांड आउटलेट्स (multi-brand outlets) और राष्ट्रीय स्तर पर 3,000 से अधिक स्टोर्स में मौजूद है, जिसमें ऑफलाइन चैनल्स से 50 प्रतिशत से अधिक की बिक्री होती है। कंपनी अपनी स्टैंडअलोन स्टोर्स खोलने के लिए बातचीत कर रही है, जिसका लक्ष्य एक्सक्लूसिव ब्रांड आउटलेट्स (exclusive brand outlets) से लगभग 30 प्रतिशत और ऑनलाइन से लगभग 20 प्रतिशत बिक्री का अनुपात रखना है।

प्रीमियम सेगमेंट में पैठ

ब्रांड को मास-मार्केट डोमेस्टिक लेबल (mass-market domestic labels) और हाई-एंड इंटरनेशनल ब्रांड्स (high-end international brands) के बीच प्रीमियम सेगमेंट (premium segment) में पोजिशन किया गया है। फाउंडर्स क्वालिटी और डिज़ाइन पर खास जोर देते हैं, जो खास तौर पर भारतीय उपभोक्ताओं के लिए तैयार किया गया है। यह State of Joy को उन ग्लोबल ब्रांड्स से अलग करता है जो शायद कम कीमत वाले, अनुकूलित आइटम पेश करते हों।

भविष्य की राह और फाउंडर्स का विजन

State of Joy की सह-स्थापना शू टेक्नोलॉजिस्ट Pullela Gopalakrishna Bachi और फुटवियर दिग्गज Dasari Raju Ramesh ने की है। यह दशकों तक दूसरे ब्रांड्स के लिए मैन्युफैक्चरिंग करने के बाद अपना ब्रांड बनाने की ओर एक बड़ा कदम है। Bachi, जो एक सर्टिफाइड शू इंजीनियर (certified shoe engineer) हैं, और Ramesh, जिनके पास 30 से अधिक वर्षों का इंडस्ट्री अनुभव है, का मानना है कि भारत का फुटवियर बाजार काफी हद तक अछूता है। कंपनी 'Anatom' नामक एक सब-कैटेगरी (sub-category) भी पेश करती है, जो बुजुर्ग उपभोक्ताओं के लिए आराम पर केंद्रित है, और भविष्य में फुटवियर से परे अन्य प्रोडक्ट लाइन्स पर भी विचार कर रही है।

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