बाजार की उथल-पुथल के बीच स्टार्टअप्स ने घटाई IPO वैल्यूएशन

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AuthorAditi Chauhan|Published at:
बाजार की उथल-पुथल के बीच स्टार्टअप्स ने घटाई IPO वैल्यूएशन
Overview

लॉजिस्टिक्स फर्म शैडोफैक्स (Shadowfax) और मीडिया टेक कंपनी अमागी मीडिया लैब्स (Amagi Media Labs) बाजार की अस्थिरता के कारण अपनी IPO वैल्यूएशन को कम कर रहे हैं। शैडोफैक्स का लक्ष्य ₹7,169 करोड़ है, जो ₹8,000 करोड़ से अधिक से कम है, जबकि अमागी ने अपनी वैल्यूएशन में काफी कटौती की है। विशेषज्ञों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर होता रुपया और व्यापक बाजार सुधार इन निर्णयों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक हैं। इस रीप्राइजिंग का उद्देश्य चुनौतीपूर्ण आर्थिक माहौल में अधिक निवेशकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है।

IPO वैल्यूएशन में गिरावट, स्टार्टअप्स बाजार की अस्थिरता का सामना करने को तैयार

नई उम्र की कंपनियां पब्लिक मार्केट में अपनी शुरुआत के लिए अपनी महत्वाकांक्षाओं को फिर से तैयार कर रही हैं, जिसमें कई स्टार्टअप्स ने अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) वैल्यूएशन लक्ष्यों को काफी कम कर दिया है। यह ट्रेंड लॉजिस्टिक्स प्रोवाइडर शैडोफैक्स में देखा जा रहा है, जिसने लिस्टिंग से पहले अपनी वैल्यूएशन की उम्मीदों को कम कर दिया है।

Valuation Revisions

अपने प्रस्तावित प्राइस बैंड के ऊपरी सिरे पर, शैडोफैक्स अब ₹7,169 करोड़ की वैल्यूएशन मांग रहा है। यह पहले की अपेक्षाओं से कम है, जिसमें इसकी वैल्यूएशन ₹8,000 करोड़ से अधिक बताई गई थी। कंपनी ने इश्यू साइज को भी ₹2,000 करोड़ से घटाकर ₹1,907 करोड़ कर दिया है, जिसे सीईओ अभिषेक बंसल ने निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने और दीर्घकालिक साझेदारी सुरक्षित करने के लिए एक कदम बताया। "हमें लगा कि यह निवेशकों के लिए यहां आने का एक शानदार अवसर है," बंसल ने टिप्पणी की, यह भी कहा कि एक लिस्टेड इकाई महत्वपूर्ण हितधारक विश्वास प्रदान करती है।

एक अन्य नई कंपनी, अमागी मीडिया लैब्स ने भी वैल्यूएशन में कमी की है। कंपनी ने अपनी IPO वैल्यूएशन को ₹7,810 करोड़ पर संशोधित किया है, जो उसके पिछले अनुमान $1.4 बिलियन (₹12,000 करोड़ से अधिक) से काफी कम है। यह दर्शाता है कि बाजार सहभागियों द्वारा अधिक यथार्थवादी मूल्य निर्धारण की मांग की जा रही है।

Market Headwinds

ये समायोजन बाजार की महत्वपूर्ण उथल-पुथल की पृष्ठभूमि में हो रहे हैं। बेंचमार्क सेंसेक्स (Sensex) में साल-दर-तारीख (year-to-date) लगभग 2% की गिरावट देखी गई है। इसमें देरी से अमेरिकी-भारत व्यापार सौदा, वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर होते रुपये से प्रेरित विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा बड़ी बिकवाली जैसे कारक शामिल हैं।

Expert Take

डेम कैपिटल (Dam Capital) के एमडी और सीईओ धर्मेश मेहता ने देखा कि निजी और सार्वजनिक बाजार वैल्यूएशन के बीच एक बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि सेकेंडरी मार्केट अब IPOs का अधिक सटीक मूल्यांकन कर रहे हैं। "व्यापक बाजारों में, मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई है," मेहता ने कहा। "इसका IPO वैल्यूएशन पर और IPOs की व्यवहार्यता पर कुछ हद तक असर पड़ेगा। जब तक भू-राजनीतिक मुद्दे सुलझ नहीं जाते, बाजार अस्थिर रहेंगे।"

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